अल्मोड़ा। एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मंडल नैनीताल के पूर्व सचिव और मिनिस्टीरियल फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार पाठक ने शिक्षा विभाग में अभी भी वार्षिक स्थानांतरण नहीं होने को विभाग के अधिकारियों की गंभीर विफलता करार दिया है। कार्मिकों से रिक्त पदों पर वार्षिक स्थानांतरण के लिए विकल्प मांगे गए थे, लेकिन दिसंबर माह खत्म होने को है विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सुगम दुर्गम को लेकर रिट याचिका दायर हुई थी उसका निस्तारण करने के बजाए संपूर्ण स्थानांतरण नीति पर रोक लगाई गई है, जिससे कार्मिकों में रोष व्याप्त है। विभाग की ओर से उसी सुगम दुर्गम नीति के तहत पदोन्नति की कार्रवाई की जा रही है। पारस्परिक स्थानांतरण हो रहे हैं और धारा 27 के लिए भी स्थानांतरण के विकल्प लिए गए हैं, लेकिन एक्ट के तहत स्थानांतरण रोके गए हैं जबकि एक्ट को तो रोक ही नहीं सकते हैं। विभाग की दोहरी नीति के कारण कार्मिकों को सुगम से दुर्गम और दुर्गम से सुगम और अन्य श्रेणी के तहत स्थानांतरण से वंचित होना पड़ा। राज्य बनने के बाद अब तक की सबसे गंभीर विफलता स्थानांतरण नीति लागू नहीं होना है जबकि पदोन्नति और स्थानांतरण सेवा के अंग है।