अल्मोड़ा। जिले में बीते दिनों काफी बारिश हुई लेकिन इसके बाद भी सल्ट के लोगों को जल संकट से मुक्ति नहीं मिल सकी है। छह दिन से 50 गांवों में नल से जल नहीं टपका है और 15 हजार से अधिक की आबादी प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाकर पानी का प्रबंध कर रही है।
सल्ट के मौलेखाल, शशीखाल, तहसील चौक, कुन्हील, खुमाड़, जालीखान, कबराढैय्या, हिनौला, देवायल, घचकोट, थलमाड़, भ्याड़ी, झड़गांव सहित 50 गांवों की प्यास बुझाने वाली कोटेश्वर-शशीखाल योजना बिजली आपूर्ति बाधित होने से शोपीस बनी है। छह दिन बाद भी योजना से जलापूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। क्षेत्र के लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। बिजली कटौती के चलते दूसरी पेयजल योजना गुलार से भी जलापूर्ति नहीं हो रही है। इससे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है।
बिजली आपूर्ति हुई बहाल, जल्द जलापूर्ति के दावे
मौलेखाल। बिजली आपूूर्ति ठप होने से योजना से जलापूर्ति नहीं हो रही है। मंगलवार को क्षेत्र के लोगों ने यूपीसीएल कार्यालय के बाहर धरना दिया तो बिजली आपूर्ति सुचारू हुई है। जल निगम के मुताबिक बिजली आपूर्ति बहाल होने से योजना से मुख्य टैंकों तक पंपिंग शुरू हो गई है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द लोगों के घरों तक पानी पहुंचेगा और उन्हें जल संकट से छुटकारा मिलेगा।
अरविंद सिंह नेगी, एई, यांत्रिकी विभाग, जल निगम, सल्ट ने बताया कि बिजली आपूर्ति सुचारू न होने से योजना से पंपिंग ठप थी। बिजली आपूर्ति बहाल होने पर योजना के मुख्य टैंकों में पंपिंग शुरू हो गई है। सब कुछ ठीक रहा तो बुधवार से जलापूर्ति सुचारू हो जाएगी।