कश्मीरी डिश के साथ छात्र-छात्राएं।
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कुमाऊं के एकमात्र राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में बजट के अभाव में पिछले चार साल से फूड फेस्टेवल का आयोजन नहीं हो सका है। फूड फेस्टेवल के जरिए संस्थान में अध्ययनरत छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल पाता था। बावजूद इसके संस्थान के छात्र सप्ताह में बारी-बारी से खुद ही विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजन तैयार कर खुद को भविष्य के लिए तैयार करने में जुटे हैं। संस्थान में पिछले कई सालों से प्रधानाचार्य भी नहीं है जिसका जिम्मा मुख्य विकास अधिकारी ने संभाल रखा है।
1991 में अस्तित्व में आए राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान में वर्तमान में 136 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें अतिथि सत्कार की शिक्षा देने के लिए संस्थान में तीन नियमित और सात संविदा शिक्षक तैनात हैं। विभिन्न जगहों से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने अल्मोड़ा पहुंचे ये छात्र पढ़ाई के साथ-साथ आतिथ्य सत्कार के अंतर्गत आने वाली हाउस कीपिंग, कुकिंग, और सर्विस क्षेत्र में खुद को तैयार कर रहे हैं। इसके लिए संस्थान के शिक्षकों के निर्देशन में छात्र सप्ताह में बारी-बारी से देश के विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों के अलावा विदेशी व्यंजन भी तैयार कर रहे हैं।
सोमवार को छात्रों ने कश्मीर राज्य की प्रसिद्ध डिश मटन रोगन जोश, कश्मीरी पुलाव और कश्मीर की प्रसिद्ध मिठाई सुक्ता बनाई, लेकिन संस्थान के छात्रों की पीड़ा है कि आतिथ्य सत्कार की जिन चीजों को वह संस्थान में सीख रहे हैं उसके लिए उनको किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन नहीं मिल पाता है। चार साल पहले तक संस्थान में फूड फेस्टेवल का आयोजन किया जाता था। जिसमें शहर के गणमान्य लोगों को बुलाकर संस्थान के छात्रों द्वारा आतिथ्य सत्कार किया जाता था। इस दौरान छात्रों द्वारा तैयार किए जाने वाले व्यंजनों के अलावा उनकी ट्रेनिंग के बारे में भी लोगों को पता चल पाता था। संस्थान के शिक्षक धीरेंद्र मर्तोलिया ने बताया कि पिछले चार साल से संस्थान में फूड फेस्टेवल नहीं मनाया गया है। फेस्टेवल का मकसद छात्रों द्वारा सीखे जा रहे आतिथ्य सत्कार को लोगों के बीच ले जाना था ताकि छात्रों का मनोबल बढ़ सके। यही नहीं पिछले कुछ सालों से संस्थान में शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम भी बंद पड़ा है।
संस्थान में पिछले कई सालों से नियमित प्रधानाचार्य भी नहीं है। वर्तमान में यहां का चार्ज मुख्य विकास अधिकारी के पास है। इधर सीडीओ जेएस नागन्याल ने बताया कि फूड फेस्टेवल के संबंध में वह पर्यटन विभाग और शासन स्तर से जानकारी लेंगे और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित हो सकें, इसका प्रयास करेंगे।