ग्वल देवता मंदिर चितई में बलि को लाए गए बकरों को वापस ले जाते श्रद्धालु। संवाद
अल्मोड़ा। गायत्री परिवार से जुड़े लोगों ने चितई स्थित गोलू देवता मंदिर में पशुबलि रोकने के लिए जन जागरण अभियान चलाकर यहां बलि के लिए लाए गए नौ बकरों को लौटा दिया।
गायत्री परिवार के भीम सिंह अधिकारी ने बताया कि सल्ला भाटकोट (सेराघाट) के किशनानंद, रेलापाली के किशन राम, अलई बाड़ेछीना के कैलाश राम, रनमन के प्रकाश बिष्ट, मालता (लमगड़ा) के देवेंद्र कुमार एक-एक बकरे जबकि सल्ला कफड़खान के पंकज कुमार और कोटली गेवापानी के जीवन सिंह दो-दो बकरों को बलि देने के लिए लाए थे।
गायत्री परिवार ने उन्हें पशु बलि पर रोक लगाने को लेकर जागरूक किया। उनका यह अभियान सफल रहा और इससे प्रभावित होकर श्रद्धालुओं ने मंदिर में सात्विक पूजा की और बलि को लाए गए बकरों को ले गए। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में पशुबलि के खिलाफ जनजागरण का भी संकल्प भी लिया। इस दौरान मंजू जोशी, सरोज भट्ट, निर्मला अधिकारी, मीनू भट्ट, अर्जुन नेगी, हरीश बिष्ट, मोहन पांडे मौजूद रहे।
फोटो-25एएलएम22पी- गोलू देवता मंदिर चितई में बलि को लाए गए बकरों को वापस ले जाते श्रद्धालु। संवाद