अल्मोड़ा। होम आइसोलेशन (कार्य बहिष्कार) पर डटे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बन गई है। बीते चार दिनों से कार्य बहिष्कार के बाद भी मांगों पर कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने पर सोमवार को कर्मियों ने नौ जून तक और कार्य बहिष्कार बढ़ाने का निर्णय लिया था। अल्मोड़ा जिले के सभी 250 और बागेश्वर के 160 से अधिक एनएचएम स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार देर शाम मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद कार्य बहिष्कार स्थगित कर दिया। अब मंगलवार से कर्मी काम पर लौटेंगे।
विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम के स्वास्थ्य कर्मी पिछले 28 मई से बांह में काली पट्टी बांध सांकेतिक प्रदर्शन कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर कर्मियों ने बीते तीन जून से चार दिवसीय होम आइसोलेशन में जाने का फैसला लिया। पहले चरण में डॉक्टर और कर्मचारी छह जून तक चार दिवसीय होम अइसोलेशन में रहे।
बीते रविवार को कर्मियों का होम आइसोलेशन में अंतिम दिवस था। चार दिवसीय होम आइसोलेशन के बावजूद भी कर्मियों की मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। रविवार की देर रात कर्मियों ने कार्य बहिष्कार तीन दिनों के लिए और बढ़ा दिया था। सोमवार को सभी कर्मी कार्य बहिष्कार पर रहे। लेकिन देर शाम शासन स्तर से उनकी मांगों पर सहमति बन गई। एनएचएम जिलाध्यक्ष डॉ. शिखा जोशी ने बताया कि मांगों को लेकर लिखित सहमति मिल गई है।
एक माह के भीतर सभी मांगें पूरी होंगी, सोमवार को होम आइसोलेशन पर रहे। लेकिन अब मंगलवार से कार्य पर लौट जाएंगे। संगठन के बागेश्वर जिलाध्यक्ष भुवन जोशी ने कहा कि मंगलवार को कर्मचारी काम पर लौटेंगे। उधर धौलादेवी ब्लॉक में एनएचएम कर्मियों ने पूर्व ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष और पूर्व एनएचएम उत्तराखंड सरकार के अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा को ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान विरोध दर्ज कराने वालों में दीपक कांडपाल, डॉ. ललित नेगी, डॉ. संजय चौहान, हिमांशु, हितेश, ममता वर्मा, योगेश जोशी, मंजू, अनूप कांडपाल, सुरेश कुकरेती, नीरज उपाध्याय, मनोज पुरोहित, सतीश कांडपाल, मनोज कुमार आदि थे।