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कुमाऊं-गढ़वाल की छह सड़कों को एनएच की विधिवत स्वीकृति का इंतजार

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। राज्य की छह सड़कों को एनएच की विधिवत स्वीकृति का इंतजार है। चार साल पहले इन सड़कों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। अब मामला भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय में लंबित है। कुमाऊं में खैरना-रानीखेत और मोहान-रानीखेत सड़कें शामिल हैं। संकरी सड़कें होने के कारण इन सड़कों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इन दोनों सड़कों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की तरफ से 97 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी भेजा है।
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खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग और मोहान-रानीखेत दोनों सड़कों को अभी स्टेट हाईवे का दर्जा प्राप्त है। दुर्घटनाओं के लिहाज से दोनों सड़कें बेहद खतरनाक है। खासतौर पर मोहान मोटर मार्ग। यह मार्ग अत्यधिक संकरा है, जिस कारण आए दिन यहां वाहन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जबकि खैरना मोटर मार्ग भी बेहद संवेदनशील है। यहां पातली, भुजान के आसपास चट्टानों से पत्थर गिरते हैं। सीधे चट्टानों से पत्थर गिरने के कारण यहां पूर्व में कई वाहन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन्हीं कारणों के चलते 2016 में दोनों सड़कों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिली थी। एनएच ने मोहान मार्ग के लिए 65 करोड़ तो खैरना मार्ग के लिए 32 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इस राशि से कटिंग, दीवार निर्माण, क्रश बैरियर, पैरापिट निर्माण आदि सुरक्षात्मक कार्य होने थे, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली है। चार साल से मामला भारत सरकार में लंबित है। एनएच में शामिल होने से दोनों मोटर मार्गों के दिन बहुरने की उम्मीद भी थी। गढ़वाल की जिन चार सड़कों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है, वह भी बेहद संवेदनशील सड़कें मानी जाती हैं। इनमें बुआखाल-देवप्रयाग, पंडुवाखाल-नगचूलाखाल-उफरैंखाल-बैजरौ, बिहारीगढ़-रोशनाबाद, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-नैनीडांडा शामिल हैं।
21 मार्च 2016 को छह सड़कों को एनएच की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली। इसके बाद एनएच की तरफ से प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन अभी ये सड़कें एनएच को ट्रांसफर नहीं हो सकी हैं।
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-एमपीएस कालाकोटी, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, रानीखेत।
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