अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान में नवजात एवं बाल चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संस्थान में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन इन नियोनेटोलॉजी (सुपर स्पेशलिस्ट) चिकित्सकों की नियुक्ति होने से अब नवजात शिशुओं और बच्चों को विशेषज्ञ उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. चंद्र प्रकाश भैसोड़ा के प्रयासों से नवजात देखभाल विशेषज्ञ डॉ. सुमित जीना ने एक जून से सह-प्राध्यापक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वहीं डॉ. ज्योति कांडपाल पहले से ही विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि विभाग में वर्तमान में छह विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ओपीडी, आईपीडी, एनआईसीयू, पीआईसीयू, टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा एवं परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है। विभाग में 22 बेड की गहन चिकित्सा इकाई संचालित है, जिसका भविष्य में विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विशेषज्ञों की नियुक्ति से अल्मोड़ा सहित आसपास के जिलों के गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं और बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। इससे बाल एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।
इधर मरीजों की सुविधा के लिए बेस चिकित्सालय में ओपीडी ब्लॉक-2 में एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर भी शुरू किया गया है। इससे मरीजों को पंजीकरण के लिए लगने वाली भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से ऑनलाइन पर्ची प्रणाली का लाभ उठाने की भी अपील की है।