बीते साल की यादों के साथ और नया साल आने की खुशी में पहले दिन लोगों ने शनिवार की रात भर खूब जश्न मनाया। डीजे, डांस, पार्टी के साथ जश्न मनाते हुए लोगों ने रात 12 बजे आतिशबाजी की। इसके बाद बधाईयां देने का क्रम शुरू हुआ। मोबाइल फोन और व्हटसप के जरिए लोगों ने रिश्तेदारों, दोस्तों को बधाईयां दी। लोगों ने नए साल के पहले दिन मंदिरों में पूजा अर्चना की और बुराईयों को छोड़ने और कुछ नया करने का संकल्प भी लिया।
शहर समेत आस पास के पर्यटन स्थलों, होटल रिसोर्ट आदि में ठहरे पर्यटकों ने 31 दिसंबर की रात को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रात में कैंप फायर और आतिशबाजी करने के बाद लोगों ने एक दूसरे को नए साल की बधाईयां दी। घरों में भी लोग नए साल की बधाई देने रात 12 बजे तक जागते रहे। रविवार को सुबह से ही लोगों के मोबाइल पर बधाई संदेश आने लगे। इस दौरान व्हटसअप और फेस बुक आदि में भी बधाई संदेश देखने को मिले। लोगों ने रिश्तेदारों, दोस्तों और आफिस कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी। छुट्टी का दिन होने के कारण लोगों ने नए साल पर चितई के गोलू देवता, कसारदेवी, नंदादेवी, रघुनाथ आदि मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की और नए संकल्प लिए। इधर कई लोग परिवार समेत पर्यटन स्थलों की ओर घूमने भी निकले। बिंसर में भी पर्यटकों की भीड़ के कारण खूब चहल पहल रही। स्थानीय स्तर पर कसार देवी और ईको पार्क में भी काफी लोग घूमने निकले।