अल्मोड़ा/रानीखेत। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा में शादियों के लिए मेहमानों की संख्या 200 से घटाकर 100 तक सीमित करने के बारे में विचार करने से शादी विवाह वाले घरों के लोग आशंकित होने लगे हैं। शादी से जुड़े टेंट, मिष्ठान आदि का कारोबार करने वाले लोग भी इससे चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को इस सीजन में 15 दिसंबर तक होने वाले विवाह कार्यक्रमों के लिए नियमों में अब बदलाव नहीं करना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में 15 दिसंबर से पहले जिले की सभी तहसीलों में लगभग ढाई हजार घरों में शादियां होनी हैं। इनमें से अधिकांश लोग टेंट वालों को मेहमानों की संख्या के मुताबिक इंतजाम के लिए आर्डर दे चुके हैं। वहीं ज्यादातर निमंत्रण भी बांटे जा चुके हैं। लोगों का कहना है कि अब नियमों में परिवर्तन करने का फैसला सही नहीं होगा। सरकार को कोई बदलाव करना है तो वह जनवरी और उसके बाद होने वाली शादियों के लिए करे।
बेटे की शादी नजदीक है, 10-15 दिन पहले सभी को आमंत्रण कार्ड भेज दिए गए हैं। करीब 150 कार्ड छापवाए थे। अब अगर शादी में शामिल होने वालों की संख्या में कमी के आदेश जारी होते हैं तो समस्या बढ़ जाएगी। कई मेहमान बाहर से आने वाले हैं, उन्हें अंतिम समय पर बरात में न आने के लिए कैसे कहा जाए। अगले लगन सीजन में नियम लागू होने चाहिए। -हरीश सिंह बिष्ट, निवासी मालगांव।
जिन्होंने तैयारी कर ली है उनके लिए बड़ी परेशानी का विषय है। सभी ने अपनी-अपनी ओर से बारात घरों, टेंट हाउस आदि के लिए एडवांस पैसे भी दे दिए हैं। आमंत्रण भी लोग दे चुके है, धन की हानि भी होगी, साथ ही शादी में शामिल होने के लिए आने-जाने वालों के लिए भी समस्या है। कई लोग बाहर से आने वाले हैं। अगले लगन सीजन में पूर्व से ही गाइडलाइन का निर्धारण कर आदेश जारी होने चाहिए। -कार्तिक शाह, कोषाध्यक्ष नगर व्यापार मंडल अल्मोड़ा।
- हमने कई बरातों की बुकिंग ले ली है। कहीं दो सौ कहीं डेढ़ सौ के हिसाब से बुकिंग हैं। अब यदि संख्या घटती है तो सीधे-सीधे टेंट व्यवसायियों को नुकसान होगा। पहले तो बुकिंग वाले से बात करनी होगी, फिर नए हिसाब से रेट तय करने पड़ेंगे। - दिगपाल खाती, टेंट व्यवसायी, रानीखेत।
- अब यदि संख्या घटती है तो शादी वाले लोगों के साथ ही व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। टेंट, मिष्ठान व्यवसाय पर इसका अधिक असर पड़ेगा। सरकार को इन लग्नों के खत्म होने का इंतजार करना चाहिए। इसके बाद नई व्यवस्था लागू करनी चाहिए। -भगवंत नेगी, व्यापार संघ अध्यक्ष, रानीखेत।
-मेरी भांजी का विवाह 10 दिसंबर को निर्धारित हुआ है। वर्तमान व्यवस्था के तहत कार्ड भी बांट दिए हैं। मेहमानों को भी निमंत्रण भेज दिया है। अब यदि नई एसओपी में मेहमानों की संख्या को 100 तक सीमत करते हैं तो इससे दिक्कतें बढ़ेंगी। -विनोद भार्गव, कुंपुर लालकुती, रानीखेत।
छह मुहूर्तों में होंगी 70 से 80 शादियां
बागेश्वर। 30 नवंबर से 11 दिसंबर तक विवाह के छह मुहूर्तों हैं। बागेश्वर के सभी बैंक्वेट हॉल 11 दिसंबर तक होने वाली बरातों के लिए बुक हैं। बरातघर स्वामी राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि 30 नवंबर, एक दिसंबर, सात दिसंबर, 10 दिसंबर और 11 दिसंबर के मुहूर्त के लिए उनका बरातघर बुक है। नगर के अन्य बरातघर भी बुक हो गए हैं। जिला मुख्यालय के चंडिका मंदिर में भी इन मुहूर्तों में शादियां होंगी। एक अनुमान के अनुसार छह मुहूर्तों में करीब 70 से 80 विवाह संपन्न होंगे।