डॉ. मंजुलता उपाध्याय।
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पाचनअल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. मंजुलता उपाध्याय ने टीम के साथ पाचनतंत्र की समस्याओं के निवारण के लिए हर्बल केक दवा बनाई है। इससे मरीजों के पेट संबंधी रोगों का उपचार हो सकेगा।
एसएसजे परिसर की प्राध्यापिका डॉ. मंजुलता ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय श्रीकाकुलम आंध्रप्रदेश के सहयोग से यह दवा बनाई है। डॉ. मंजुलता ने बताया कि उनके साथ केक बनाने में 13 सदस्यीय टीम थी। इस हर्बल दवा में अभी भी शोध जारी है। इसे बनाने के लिए जामुन की गुठली का पाउडर, आंवला पाउडर आदि का इस्तेमाल किया। ये दवा गेस्ट्रिक और शरीर के पाचन तंत्र की समस्या को दूर करने में कारगर साबित होगी। यह दवा लो फैट, लो शुगरयुक्त है। उन्होंने बताया कि आंवले का पाउडर आंतरिक सूजन को कम करता है और जामुन की गुठली का पाउडर घावों को भरता है। प्रारंभिक परीक्षण में अच्छे परिणाम मिले हैं। एप्लीकेशन ऑफ मरीन बेस्ड मिनरल ऑफ फूड सप्लीमेंट शीर्षक से यह पेटेंट कार्यालय की पत्रिका में छप चुका है। दवा बनाने में 13 वैज्ञानिकों की मुख्य भूमिका रही है। प्राध्यापिका की उपलब्धि पर एसएसजे विवि के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी ने इसे गौरव का विषय बताया। परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी, वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. बलवंत कुमार, डॉ. धनी आर्या, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. ललित जोशी आदि ने खुशी जताई है।