जिला प्रशासन ने जिले के नवज्योति इंटर कालेज सिनार में अगस्त माह में हुई छह शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता पाए जाने पर तत्कालीन प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी से 25 नवंबर तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। अन्यथा उनके खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि की संस्तुति की जाएगी। श्री सोनी वर्तमान में मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी के पद पर कार्यरत हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई नियुक्ति में की गई अनियमितताओं की जांच में यह खुलासा हुआ है।
अपर जिलाधिकारी कैलाश सिंह टोलिया ने बताया कि लोगों द्वारा नव ज्योति इंटर कालेज सिनार में इस साल अगस्त माह में की गई छह शिक्षकों की नियुक्तियों में अनियमितता होने की शिकायत की गई थी। इस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले की जांच कराई थी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट इन नियुक्तियों में कई धांधलियां होने की पुष्टि हुई है। जांच में सीईओ, विद्यालय प्रबंधन समिति स्तर पर नियमानुसार चयन समिति का गठन विषयक आदेश नहीं पाया गया। स्कूल में प्रवक्ता अर्थशास्त्र,सहायक शिक्षक विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा सक्षम प्राधिकारी से वित्तीय सहमति प्राप्त नहीं की गई।
तत्कालीन प्रभारी सीईओ ने बिना वित्तीय स्वीकृति के अनुमोदन प्रदान किया। परिणाम घोषित होने से दो दिन पूर्व ही चयनित अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक हो गए थे। जिसे स्पष्ट है कि चयन प्रक्रिया की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने में तत्कालीन प्रभारी सीईओ असफल रहे। साक्षात्कार में गुण विषयक अंक में सर्वोच्च स्थान पर रहने वाले अभ्यर्थी को सभी सदस्यों ने न्यूनतम अंक दिए। विषय वार वरीयता सूची में प्रथम स्थान पर आने वाले अभ्यर्थी को प्रबंधक द्वारा सभी सदस्यों की तुलना में अधिक अंक दिए गए। साक्षात्कार की सीडी भी निरंतर नहीं बनाई गई।
प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने अधिकांश अभ्यर्थियों से कोई सवाल नहीं पूछे। जबकि अंक सीट में कतिपय अभ्यर्थियों के संबंध में लिखा गया कि अभ्यर्थियों ने सभी प्रश्नों के उत्तर सही दिए। एडीएम ने बताया कि प्रभारी सीईओ पर आरोप है कि अनुमोदन से पूर्व उन्होंने परीक्षण नहीं कराया। इन अनियमितताओं के लिए 25 नवंबर तक तत्कालीन प्रभारी सीईओ सोनी को स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया है। एडीएम ने बताया कि 25 नवंबर तक चयन प्रक्रिया को निरस्त कर स्कूल के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी संस्तुति की है।
अल्मोड़ा। आदर्श प्राथमिक स्कूल दिगोली में भी शिक्षकों के चयन के मामले में त्रुटियां पाई गई हैं। डीएम ने चयन प्रक्रिया को भी निरस्त कर नियमानुसार पुन: चयन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार साक्षात्कार और काउंसलिंग के लिए गठित समिति में सीईओ द्वारा नामित सदस्यों को नहीं लिया गया। चयन समिति के सदस्यों को साक्षात्कार में दिए जाने वाले अंकों के लिए पृथक-पृथक कोई अंक सीट उपलब्ध नहीं कराई गई थी। सामूहिक रूप से अंक दिए गए थे और एक पैन का प्रयोग किया गया। जांच समिति ने आशंका व्यक्त की है कि कई स्थानों पर कटिंग की गई थी। ऐसा किसी अभ्यर्थी को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था। एडीएम श्री टोलिया ने जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) को सीईओ अल्मोड़ा के माध्यम से पत्र भेजकर 25 नवंबर तक लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।