भले ही गांवों तक भी पानी की लाइनें पहुंच गई हों मगर नौलों का अपना अलग ही महत्व है। गांव में पानी की लाइनें होने के बावजूद भी लोग नौलों के ही पानी को साफ मानते हैं। पीने के लिए इसी को उपयोग में लाते हैं। बाखली वालों का कहना है कि उन्हें तो स्वाद अपने नौले के ही पानी में आता है।
बाखली गांव चौखुटिया में करीब 80 साल पुराना नौला है। ग्रामीणों ने सोमवार को नौले में सफाई की। गांव वालों का कहना है कि नौलों के अस्तित्व को बरकरार रखने की जिम्मेदारी सभी की है। सरपंच त्रिलोक सिंह कहते हैं कि
गांव के लोग आज भी नलों के बजाए नौले का पानी पीना पसंद करते हैं। शुद्धता के लिहाज से भी नौले के पानी का कोई जवाब नहीं है। ग्राम प्रधान नवीन सिंह बिष्ट बताते हैं कि लोग नौले की महत्ता को समझते हुए अपने स्तर से सफाई आदि की व्यवस्था करते रहते हैं। इस कार्य में शासन, प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिलती है। गोपुली देवी का कहना है कि नौले का पानी पीते हुए उम्र बीत गई है। नौले के पानी जैसा स्वाद नलों के पानी में नहीं है।