चौखुटिया के तड़ागताल में स्थित झील का विहंगम दृश्य।
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चौखुटिया। (अल्मोड़ा)। क्षेत्र के तड़ागताल में स्थित प्राकृतिक झील को विकसित कर सौंदर्यीकरण करने की मांग लंबे समय से की जाती रही है। लोगों का मानना है कि इस झील के विकास से क्षेत्र में पर्यटन विकास के द्वार तो खुलेंगे ही साथ ही रोजगार के संसाधनों में भी इजाफा होगा। हालांकि विधायक की पहल पर छह माह पूर्व स्थलीय निरीक्षण को आई सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम ने झील के अनुसंधान सर्वें के लिए 1.35 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजा है पर जिस तेजी से कार्य करने की जरूरत है वह कहीं नहीं दिखाई दे रही है।
चौखुटिया से महज आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित करीब सोलह सौ मीटर लंबी और 360 मीटर चौड़ी तड़ागताल झील पर्यटन विकास के लिहाज से चौखुटिया घाटी के साथ ही द्वाराहाट और गरुड़ घाटी के लिए भी वरदान सिद्ध हो सकती है। इस बहुउद्देश्यीय झील में नौकायन के साथ सिंचाई और पेयजल जैसी समस्याओं के निदान के लिए योजना प्रस्तावित की गई है। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि झील में पैंतालीस सौ मिलीयन लीटर पानी मौजूद रहेगा। जिससे पर्यटन विकास के साथ ही पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान होगा। लेकिन लंबे समय से मांग के बावजूद इस दिशा में अभी तक कुछ खास हासिल नहीं हुआ है।
इधर क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी के प्रयासों के बाद कुमाऊं आयुक्त राजीव रौतेला के निर्देश पर सीडीओ अनुज गोयल के नेतृत्व में छह माह पूर्व आई प्रशासनिक और सिंचाई विभाग की टीम ने मौका मुआयना कर झील के सर्वे के लिए 1.35 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। लेकिन उसके बाद की कार्रवाई ठंडे बस्ते में है अधिकारियों द्वारा बताया गया कि झील में पैंतालीस सौ मिलीयन लीटर पानी मौजूद रहेगा। जिससे पर्यटन विकास के साथ ही पेयजल व सिंचाई की समस्या का समाधान होगा।