संसदीय सचिव और अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। नानीसार में अंतर्राष्ट्रीय आवासीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र का विकास होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल की तीस फीसदी सीटें राज्य सरकार के अधिकार में रहेंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत का यह सकारात्मक कदम है।
यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री तिवारी ने कहा कि सरकार की मंशा निजी संस्थाओं को राज्य में पूंजीनिवेश के लिए आमंत्रित करने की है ताकि राज्य का विकास तेज गति से हो। सरकार उन्हें सुविधाएं देने का काम कर रही है। सरकार ने नानीसार में जिंदल सोसाइटी को अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय के लिए भूमि आवंटित की है। आवासीय स्कूल की तीस फीसदी सीटों पर राज्य सरकार का अधिकार होगा। इसमें से 10 फीसदी सीटें स्थानीय लोगों के बच्चों के लिए रहेंगी और उनके लिए 50 फीसदी फीस माफ होगी। जबकि 20 फीसदी सीटें राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए होंगी। स्कूल में चतुर्थ श्रेणी के 70 फीसदी पदों और तृतीय श्रेणी के तीस फीसदी पदों पर योग्यता अनुसार राज्य के निवासियों को रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्कूल के समीप अस्पताल, जलाशय निर्माण होगा और पेइंग गेस्ट हाउस योजना से ग्रामीणों को जोड़ा जाएगा। स्कूल को लीज पर दी गई जमीन से तीन लाख रुपये सालाना मिलेंगे। इसमें से दो लाख रुपये गांव के विकास में खर्च होंगे, जबकि एक लाख रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा होंगे। नानीसार के संपूर्ण प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर विवेचना कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर कांग्रेस नेता विपिन भट्ट, दीपक मेहता भी मौजूद थे।