उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिमांशु एजुकेशन सोसायटी पर नानीसार में धड़ल्ले से अवैध निर्माण कार्य करने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने अवैध निर्माण कार्य शीघ्र नहीं रोकने पर 26 जनवरी को नानीसार कूच करने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नानीसार की भूमि अवैध रूप से जिंदल की हिमांशु एजुकेशनल सोसायटी को आवंटित करने का शासनादेश इसी साल 22 सितंबर को जारी किया। लीज पट्टा आवंटित किए बिना मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारी जन विरोध के बावजूद इस स्कूल का शिलान्यास 22 अक्तूबर को किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसाइटी ने अवैध रूप से खुदान, सड़क निर्माण कर पूरे क्षेत्र को घेर कर ग्रामीणों का रास्ता, गोचर, पनघट और पानी पर कब्जा कर लिया है जो भारतीय वन अधिनियम के तहत गैर जमानती अपराध है। राज्य में कानून व्यवस्था लचर होने के कारण इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच करा कर फर्जी रिपोर्ट तैयार करने वाले अधिकारी, कर्मचारियों पर कार्रवाई कर ग्रामीणों को उनकी जमीन वापस देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सोसाइटी द्वारा किए जा रहे अवैध कार्यों के लिए उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं। इस प्रकरण में मुख्यमंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने जांच नहीं होने पर 26 जनवरी को नानीसार कूच करने का एलान किया। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। धरने पर उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, क्रांतिकारी जनवादी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जीवन चंद्र, रंजना सिंह, आनंदी मनराल, आनंदी वर्मा, रेखा धस्माना, प्रकाश चंद्र, अनूप तिवारी, राजू गिरी, ललित मोहन बिष्ट, विक्रम कुमार आर्या, अब्दुल फरिद, रिजवान अंसारी, कौशल पंत आदि बैठे।