अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में प्रसिद्ध नंदादेवी मेला 23 अगस्त से सादगी के साथ शुरू होगा। रविवार को पंचमी के दिन गणेश पूजा के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। हर साल पूजा में शामिल होने वाले चंद वंशज पूर्व सांसद राजा केसी सिंह बाबा इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए पूजा में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके पुत्र चंदवंशीय युवराज नरेंद्र चंद्र और उनकी पत्नी कामाक्षी गणेश पूजा कर मेले का शुभारंभ करेंगे।
शाम सात बजे युवराज नरेंद्र चंद्र सिंह, विधायक रघुनाथ सिंह चौहान और पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी दीप प्रज्वलित करेंगे। नंदादेवी मेले के तहत 25 अगस्त को प्रात: पांच बजे कदली वृक्ष लाए जाएंगे। उसके बाद दिन में मूर्तियों का निर्माण कर रात्रि को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। 26 अगस्त को प्रात: पांच बजे से ही भक्तों का मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आना शुरू हो जाएगा। 28 अगस्त को शाम चार बजे मां नंदा और सुनंदा की शोभायात्रा मंदिर से निकलेगी। यात्रा परंपरागत मार्गों से होते हुए दुगालखोला पहुंचेगी। जहां मूर्तियों को जलाशय मेें विसर्जित किया जाएगा।
मुख्य संयोजक मनोज सनवाल ने बताया कि इस साल मेले के सभी कार्यक्रमों का स्थानीय केबल द्वारा प्रसारण किया जाएगा। उन्होंने कोविड-19 को देखते हुए भक्तों से सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है। नंदादेवी मेले में इस साल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। मेला परिसर में दुकानें नहीं लगेंगी। पांच सदस्यों की ही छोलिया टीम को बुलाया गया है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में 100 गोले बनाए जाएंगे। श्रद्धालु इन गोलों के भीतर खड़े होकर मंदिर में प्रवेश के लिए अपनी बारी का इंतजार करेंगे। भक्तों को मंदिर में जल और प्रसाद चढ़ाने की मनाही होगी। सिर्फ दर्शन की अनुमति दी जाएगी।