अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी में प्रसिद्ध नंदादेवी मेला 23 अगस्त को गणेश पूजा के साथ शुरू होगा। कोरोना महामारी के चलते इस बार मेला सादगी के साथ मनाया जा रहा है। मेला परिसर में दुकानें नहीं लगेंगी। मंदिर में एक बार में पांच भक्तों से अधिक को प्रवेश नहीं मिलेगा। भक्तों को मंदिर में जल और प्रसाद चढ़ाने की मनाही होगी और सिर्फ दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
मां नंदादेवी मंदिर समिति के पदाधिकारियों की मंगलवार को एसडीएम सीमा विश्वकर्मा के साथ हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। तय किया गया कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस बार मेला परिसर में कोई भी दुकानें नहीं लगेंगी। मंदिर समिति ने मेला प्रभारी और एसडीएम सीमा विश्वकर्मा से अनुरोध किया कि नगरपालिका, विद्युत विभाग, जल संस्थान को निर्देश देकर मेले से पूर्व उचित व्यवस्था बना लें।
बताया गया कि मेला अवधि में भक्त सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मंदिर में प्रवेश करेंगे। मंदिर समिति मंदिर के सभी रास्तों में गोला बनाएगी। जिसमें मंदिर में दर्शन को आने वाले भक्त खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करेंगे। भक्तों को मंदिर में जल और प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। वह केवल भेंट चढ़ा सकते हैं।
मूर्तियों में किसी भी प्रकार के जल, सिंदूर, फल-फूल अर्पित करने की भी अनुमति नहीं होगी। भक्त मंदिर में घंटी भी नहीं बजा सकेंगे। बैठक में समिति अध्यक्ष मनोज वर्मा, मुख्य संयोजक मनोज सनवाल, सचिव एलके पंत, व्यवस्थापक अनूप साह, दिनेश गोयल, तारा चंद्र जोशी, किशन गुरुरानी, नरेंद्र वर्मा आदि मौजूद थे।