कोट्यूड़ा के जाबर में हुए नंदा देवी मेले में भारी संख्या में पहुंचे मेलार्थियों ने मेले का आनंद लिया। इससे पहले नवांण से मां नंदा के प्रतीक केले के पेड़ को नगाड़े-निशांणों के साथ लाया गया। मेले का समापन मंगलवार को भंडारे के साथ होगा। केले के पेड़ को बगड़ी, टेड़ागांव और कोट्यूड़ा की डौंडियों में भेंटते हुए जाबर स्थित नंदा देवी मंदिर में ले जाया गया।
पेड़ से मां नंदा की मूर्ति बनाने और श्रृंगार करने के बाद पूजा अर्चना की गई। इसके बाद दिनभर भजन कीर्तनों का सिलसिला चलता रहा। तत्पश्चात देर शाम से मुख्य मेला शुरू हो गया। मेले में बाहर से भी दुकानदार पहुंचे हुए हैं। मंगलवार की सुबह मूर्ति विसर्जन के साथ ही विशाल भंडारा होगा जिसमे तमाम मेलार्थी प्रसाद ग्रहण करेंगे।