मलबे से पटी रानीखेत की एक सड़क।
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पर्यटन नगरी के आंतरिक मोटर मार्गों की हालत बदतर हो चुकी है। मुख्य बाजार में पड़े बड़े बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं का सबब बने हुए हैं। कई स्थानों पर व्यापारी पत्थर कंकरों से गड्ढों को भर रहे हैं। बरसात के कारण गड्ढे लबालब पानी से भरे हुए हैं, जिस कारण कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। मुख्य बाजार से रात-दिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन उनकी नजरें भी अव्यवस्था की ओर नहीं जाती हैं।
रानीखेत मुख्य बाजार की सड़क अंग्रेज हुक्मरानों ने बनाई थी, तब यह सड़क काफी चौड़ी थी। पानी की निकासी के लिए सड़कों के किनारे दोनों तरफ नालियों का निर्माण किया गया था। छावनी परिषद के कर्मचारी सुबह और शाम सड़क की सफाई करते थे, लेकिन अंग्रेजों के जाने के बाद यह ऐतिहासिक सड़क भी बदहाल होती चली गई। सड़क के दोनों ओर की नालियां कई स्थानों पर अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी हैं। बीच सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। हालांकि इस मार्ग पर कुछ माह पूर्व सुधारीकरण का कार्य भी हो चुका है। केएमओयू स्टेशन से लेकर सेना के सोमनाथ मैदान तक पूरा मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है।
बरसाती पानी इन गड्ढों में लबालब भरा हुआ है। जिस कारण दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। गड्ढों को स्थानीय व्यापारी पत्थर और कंकरीटों से पाटकर चलने योग्य बना रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता आनंद अग्रवाल का कहना है कि विभाग को सड़क की बदहाली से कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने लोगों से गड्ढों को भरने में सहयोग की अपील की है।