विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़वा देने के लिए मेलों और संस्कृति के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। जागेश्वर क्षेत्र का धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में विशेष महत्व है। जागेश्वर क्षेत्र पर्यटन मानचित्र में विशिष्ट पहचान बना चुका है। कुंजवाल जागेश्वर में एक माह तक चलने वाले श्रावणी मेले का उद्घाटन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जागेश्वर में कृत्रिम झील निर्माण का आश्वासन भी दिया।
कुंजवाल ने कहा कि जागेश्वर मंदिर समूह का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। इसके संरक्षण और सुंदरीकरण के लिए विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मेलों के आयोजन का वार्षिक कलेंडर तैयार कर लिया गया है। इसी के अनुसार पर्यटन और संस्कृति विभाग ने बजट का प्राविधान रखा है। पर्यटन मानचित्र में जागेश्वर की विशिष्ट पहचान है।
पिछले वर्ष हुए जागेश्वर महोत्सव और योग महोत्सव से क्षेत्र को पूरे विश्व में विशिष्ट पहचान मिली है। उन्होंने जागेश्वर को पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक विकसित करने में लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने जागेश्वर में कृत्रिम झील निर्माण के लिए डीएम और सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर परिसर से लगे मैदान में पौैधरोपण भी किया। मेला अवधि में जागेश्वर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती मेहरा और संचालन प्रकाश भट्ट ने किया। डीसीबी अध्यक्ष प्रशांत भैसोड़ा, ब्लाक प्रमुख पीतांबर पांडे आदि ने विचार रखे। वहां पर डीएम सविन बंसल, सीडीओ प्रकाश चंद्र, एसडीएम एनएस नगन्याल, मंदिर समिति के व्यवस्थापक प्रकाश चंद्र भट्ट, गिरीश भट्ट, हरिमोहन भट्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महेरा थे।