शहर के लोअर मालरोड में अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 23 अक्तूबर 15 को आईएसबीटी का शिलान्यास किया था, लेकिन नौ माह बाद भी समतलीकरण, चहारदीवारी बनाने का काम पूरा नहीं हो सका है। जिससे आईएसबीटी का काम गति नहीं पकड़ सका है। ऐसी स्थिति में नगर के लोगों को जल्द यातायात अव्यवस्था से निजात मिलने की उम्मीद नहीं है।
परिवहन निगम के पास लोअर मालरोड में वर्कशॉप परिसर, उसके आसपास पांच एकड़ (96.14 नाली) भूमि है। यहां कुल 1649.90 लाख रुपये से आईएसबीटी का निर्माण किया जा रहा है। आईएसबीटी में एक साथ सौ बसों की पार्किंग, बुकिंग काउंटर, आधुनिक वर्कशाप, यात्रियों के लिए 100 बेड की डोरमेट्री, फूडमार्ट (भोजनालय), जलपान गृह, स्नानागार, शौचालय की सुविधा मिलेगी, वहीं सरकार की योजना बाहरी प्रदेशों की बसें भी यहां संचालित करने की योजना है,
ताकि यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा मिल सके। राज्य सरकार ने निर्माण एजेंसी यूपी निर्माण निगम यूनिट-चार को आईएसबीटी बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। पिछले साल ही प्रथम किश्त के 2.28 करोड़ रुपये अवमुक्त हो गए हैं। 23 अक्तूबर 15 को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसका शिलान्यास किया। सीएम के शिलान्यास करने के करीब छह माह बाद आईएसबीटी के निर्माण कार्य शुरू हुआ। कार्य शुरू करने के दो माह की अवधि में निर्माण एजेंसी भूमि का समतलीकरण, चहारदीवारी का कार्य पूरा नहीं कर सकी है।
परिवहन निगम के एई पीके दीक्षित ने बताया कि दो साल की अवधि में आईएसबीटी का निर्माण पूरा किया जाना है। इन दिनों चहारदीवारी बनाने और भूमि के समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। बरसात के चलते कार्य में देरी हो रही है। तय अवधि में बस अड्डे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय में उत्तराखंड परिवहन निगम का बस अड्डा मालरोड में किराए के भवन में वर्षों से संचालित हो रहा है। यहां पर बसों के खड़े रहने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। इससे यहां पर दिन में कई जाम भी लग जाता है। यहीं से विभिन्न रूटों को बस सेवाएं संचालित की जाती हैं। पांच किमी दूर लोअर मालरोड में परिवहन निगम का वर्कशॉप है। वर्कशाप में बसें खड़ी रहती हैं। वर्कशॉप से बस स्टेशन आने-जाने के लिए बसों को 10 किमी फालतू चलना पड़ता है।