अल्मोड़ा। राज्य सरकार की ओर से अल्मोड़ा नगर पालिका को उच्चीकृत कर बनाए गए नगर निगम का ढांचा तैयार हो गया है। अभी तक नगर पालिका क्षेत्र में 13 वार्ड हैं। इन्हें बढ़ाकर 40 वार्ड बनाए गए हैं। हालांकि लोग इन वार्डों के परिसीमन से संतुष्ट नहीं हैं और बड़ी संख्या में लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इन आपत्तियों पर जिलाधिकारी के अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सुनवाई करेगी। इसके बाद अपेक्षित संशोधन की भी संभावना है।
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा दिया था। अल्मोड़ा में सरकार की ओर से नगर निगम बनाए जाने की मंशा को ध्यान में रखते हुए लोग पहले नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार करने का विरोध कर रहे थे। इसके लिए कई गांवों के लोग विरोध प्रदर्शन भी कर रहे थे।
जनता के विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बिना क्षेत्र का विस्तार के ही नगर निगम का दर्जा दे दिया। इसे तेरह वार्डाें को 40 वार्ड में तब्दील किया गया है। इसको लेकर अभ बड़ी संख्या में लोग आपत्तियां कर रहे हैं। जो परिसीमन किया गया है उसमें कई वार्ड बहुत छोटे हो गए हैं जबकि कई वार्डों को जनसंख्या की दृष्टि से बड़ा बनाया गया है। पूर्व में पार्षद रहे कई जनप्रतिनिधि नए परिसीमन से संतुष्ट नहीं है। वह इसमें सुधार की मांग कर रहे हैं।
कई सभासदों का जनाधार खिसकने की संभावना
नए परिसीमन को लेकर पूर्व पार्षदों में भी बेचैनी है। इसका कारण कई वार्ड बेहद छोटे बना दिए गए हैं। जो प्रतिनिधि पिछले चुनाव में अपने निर्धारित वोट बैंक के दम पर जीतते रहे हैं । अब उनके वोट बैंक वाले वार्डाें के कई हिस्से हो गए हैं। कुछ लोग पुराने वार्ड में ही रह गए हैं तो कुछ लोग नए वार्ड में आ गए हैं। ऐसे में निश्चित वोट बैंक वाले नेता बेचैन है। उन्होंने भी नए परिसीमन पर आपत्ति जताई है क्योंकि इससे उनका जनाधार खिसकता नजर आ रहा है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी ने बताया कि करीब 15 से ज्यादा आपत्तियां आई हैं। इन पर बुधवार को सुनवाई की जाएगी।
उच्चीकरण के तरीके पर एक आपत्ति आई
अल्मोड़ा। प्रशासन की ओर से नगर निगम के उच्चीकरण को लेकर आज भी आपत्तियां मांगी गईं थीं। माना जा रहा था कि कई आपत्तियां आएंगी लेकिन आज केवल एक ही आपत्ति आई। इसमें आपत्तिकर्ता ने उच्चीकरण के तरीके को सही नहीं माना और सुझाव दिया कि भविष्य में जब भी नगर निगम का विस्तार किया जाए तो पहले जनभावनाओं को भी सुना जाए।