अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर निगम परिसर में इन दिनों दोपहिया वाहनों की बेतरतीब और अव्यवस्थित पार्किंग जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। नगर निगम में रोजाना प्रमाण-पत्रों व अन्य कार्यों के लिए सैकड़ों लोग पहुंचते हैं लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार और परिसर के भीतर रास्तों पर खड़े वाहन राह रोक रहे हैं। स्थिति यह है कि लोगों को निगम भवन के प्रथम तल पर स्थित अधिकारियों के कक्षों तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। समस्या से रूबरू होने पर भी नगर निगम प्रशासन मौन साधे बैठा है।
परिसर में कुछ कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में बाहरी लोग सुबह गेट खुलते ही अपने वाहन पार्क कर देते हैं। इसके चलते निगम के विभागों के रास्ते दिनभर ब्लॉक रहते हैं। यहां आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी अधिकारियों के कक्षों तक पहुंचने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात ये है कि निगम के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि प्रतिदिन इस बदहाली को देखते हुए भी अनजान बने हैं और व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल
स्थानीय लोगों के बीच अब यह चर्चा आम हो गई है कि जो नगर निगम अपने खुद के परिसर को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित नहीं रख पा रहा है, वह पूरे शहर से अतिक्रमण हटाने का दावा कैसे कर सकता है? इस ढुलमुल कार्यप्रणाली से निगम की साख और उसके अभियानों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या बोले लोग
- नगर निगम परिसर में दोपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग से लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है। भगवान न करे कभी कोई आपातकालीन स्थिति या हादसा हो जाए, तो परिसर से बाहर निकलने तक की जगह नहीं मिलेगी। - राजपाल पंवार, निवासी अल्मोड़ा
- नगर निगम परिसर को पार्किंग स्थल नहीं बनाया जाना चाहिए। इससे आम जनता को तो दिक्कत हो ही रही है, साथ ही किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में यह खुद निगम कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। - डॉ. रमेश लोहनी, स्थानीय निवासी
कोट
- नगर निगम परिसर में केवल निगम कर्मचारियों को ही वाहन पार्क करने की अनुमति है। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति यहां अवैध रूप से वाहन पार्क करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - सीमा विश्वकर्मा, नगर आयुक्त, नगर निगम अल्मोड़ा