मुजफ्फरनगर कांड की 22वीं बरसी पर उत्तराखंड परिवर्तन परिवर्तन कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में धरना दिया और राज्य आंदोलन के शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने के 17 साल बीत गए हैं, लेकिन मुजफनरगर कांड के खलनायकों को अब तक दंडित नहीं करना शर्मनाक है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने संरक्षण दिया। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए पार्टी दृढ़ता से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर हुआ मुजफ्फरनगर कांड तत्कालीन मुलायम सरकार और केंद्र की कांग्रेस सरकार के बीच अपराधिक सांठगांठ के चलते हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों की हत्या कर दी है। पूरा राज्य भ्रष्टाचार में डूबा है। शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है बेरोजगारी बढ़ रही है। प्राकृतिक संसाधनों की लूट से पूरा राज्य जूझ रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शहीदों हम शर्मिंदा हैं, तुम्हारे कातिल जिंदा हैं नारे लगाए और जनगीत गाए। वक्ताओं में आनंदी वर्मा, अनूप तिवारी, अमीनुर्रहमान, प्रदीप गुरुरानी, मो. शाकिब शामिल थे। धरने में आनंदी मनराल, लीला आर्या, अनीता बजाज, मनोज पंत, विमला, गोपाल राम, किरन, ललित जधरी, राजू आदि ने भाग लिया। रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहीदों को याद किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर भी माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, नगर अध्यक्ष हंसादत्त बवाड़ी, विमल भट्ट, राजेंद्र जसवाल, दीप भगत, दीपक बिनवाल, चंदन भगत, भारती भगत, ज्योति शाह मिश्रा, त्रिभुवन शर्मा, पावस जोशी, सीमा जसवाल, प्रेम शर्मा आदि थे।