सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने 14 अगस्त 2015 को रानीखेत तहसील के अंतर्गत पांडेकोटा गांव में नरेंद्र सिंह की हत्या और उसकी मां को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दो लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा, दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
14 अगस्त 2015 को पांडेकोटा निवासी नरेंद्र सिंह की हत्या हो गई और हत्यारों ने उसकी मां पुष्पा देवी को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बाद में अस्पताल में होश में आने पर पुष्पा देवी ने प्रकाश चंद्र उर्फ चारू पांडे निवासी पांडेकोटा को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया था। इस घटना की रिपोर्ट पटवारी क्षेत्र जैना में कराई गई थी और बाद में इस मामले को रेगुलर पुलिस रानीखेत को सौंप दिया गया। पुलिस ने कुछ दिनों की मशक्कत के बाद आरोपी प्रकाश चंद्र उर्फ चारू पांडे निवासी ग्राम पांडेकोटा तहसील रानीखेत और अनिल यादव निवासी मदना टोले ठोकरा, थाना अधराठठी जिला मधुबनी बिहार को गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीसी फुलारा ने न्यायालय में 12 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश डॉ. शर्मा ने दोनों आरोपियों को धारा 302,307 और 120 बी के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।