इंतजार खत्म हुआ और मौसम की पहली बर्फबारी होने से जिले में कई स्थानों पर पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली। बारिश और बर्फ के फुहारों से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में है। पर्यटकों ने बर्फवारी का जमकर लुत्फ उठाया। शाम को नगर का बाजार जल्दी सुनसान हो गया।
लंबे इंतजार के बाद जिले में शुक्रवार को आखिरकार मौसम ने करवट ली। अल्मोड़ा में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। जागेश्वर, दुधोली, दूनागिरी, मानिला, डोटियाल, विमलकोट और इसके आसपास सहित जिले की ऊंची चोटियों में जमकर हिमपात हुआ। बर्फ से लकदक पहाड़ों को कैमरे में कैद करने के लिए सैलानियों में होड़ रही। सैलानियों ने बर्फवारी का जमकर लुत्फ उठाया। बारिश और बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सयस और न्यूनतम तापमान दो दिल्ली सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जिले में शीतलहर चल रही है। कड़ाके की ठंड के चलते लोग ठिठुरत रहे। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने हीटर, अलाव आदि का सहारा लिया। कई लोग ठंड के टलते घरों में दुबके रहे। नगर के बाजारों में भी सन्नाटा रहा। शाम को बाजार में दुकानों के शटर जल्दी बंद हो गए। बारिश और बर्फवारी से किसानों को बड़ी राहत मिली है।
रबी सीजन की फसल को मिला नया जीवन
लंबे समय से बारिश नही होने से रबी सीजन की फसल और बागवानी को नुकसान हो रहा था। किसान लंबे समय से आसमान की ओर टकटकी लगाए थे। सीजन की पहली बारिश से रबी सीजन की फसलों खेती को संजीवनी मिली है। प्रभारी मुख्य कृषि अधिकारी आनंद गोस्वामी ने बताया कि रबी सीजन की गेहूं, मसूर, सरसो, जौ आदि फसलों का जमाव अच्छा होगा। साथ ही फसलों की वानस्पति वृद्धि अच्छी होगी।