रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन नगरी में 135वें मां नंदा-सुनंदा महोत्सव की शुरुआत कदली वृक्ष शोभा यात्रा के साथ हो गई है। बृहस्पतिवार सुबह नंदा देवी मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद कदली वृक्षों को राय इस्टेट स्थित विमल भट्ट के माधव कुंज निवास परिसर से लाया गया। पं. विपिन चंद्र पंत ने कदली पूजन संपन्न कराया।
महिलाओं ने भजन-कीर्तन गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पारंपरिक नगाड़ों, निशानों और छोलिया नृत्य के साथ श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए कदली वृक्षों की भव्य शोभा यात्रा निकाली। यात्रा पूरे बाजार से होते हुए नंदा देवी मंदिर पहुंची, जहां वृक्षों को स्थापित कर दिया गया। शाम से कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा 31 अगस्त को नंदाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में की जाएगी। वहीं तीन सितंबर को मां नंदा-सुनंदा का डोला भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा के साथ समापन होगा। इस बार महोत्सव में अमित साह राजा की भूमिका निभा रहे हैं।