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सास के बाद बहू को लील गई जंगल की आग

Wed, 10 Jun 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ रानीखेत (अल्मोड़ा)
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कुमाऊं में जंगलों में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही। तहसील के सुदूर भुईना (मोड़ी) गांव में बुधवार दोपहर जंगल की आग से झुलसकर एक महिला की मौत हो गई। घास के लुटे बचाने गई इस महिला को बचाने में गांव की ही एक अन्य महिला भी बुरी तरह झुलस गई। बताया जाता है कि मृतका की सास भी तीन साल पहले जंगल की आग बुझाते वक्त जिंदा जल गई थी। उधर, दन्यां  के भनोली कस्बे के निकट जंगल में भड़की आग ने लोनिवि के करीब 40 साल पुराने दो कमरों के डाक बंगले को राख कर दिया। नैनीताल जिले में भी मनोरा रेंज में ताकुला और बल्दियाखान के बीच तथा भवाली के पास श्यामखेत एवं भीमताल-जंगलियागांव रोड से सटी पहाड़ी के जंगलों में भी आग लगी हुई है।
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ताड़ीखेत विकासखंड अंतर्गत मोड़ी ग्राम सभा के तोक भुईना के जंगल में बुधवार सुबह से भयंकर आग लगी थी। ग्रामीणों के खेत जंगल से सटे हैं, इन खेतों में घास के लुटे हैं। दोपहर 12 बजे अचानक आग खेतों की तरफ आ गई। लुटे बचाने के लिए कई ग्रामीण महिलाएं खेतों की तरफ दौड़ीं, लेकिन गीता देवी पत्नी लक्ष्मण सिंह को आग ने चपेट में ले लिया। गीता चीखी तो अन्य महिलाओं ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन प्रचंड आग देखकर महिलाओं की आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। हालांकि तुलसी देवी पत्नी गोपाल सिंह कड़ाकोटी ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटों से वह भी झुलस गई, उसे बमुश्किल बचाया गया। रानीखेत राजकीय अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। अस्पताल के डा. महेश चंद्रा ने बताया कि तुलसी 46 प्रतिशत जली है। मुंह, हाथ, पेट झुलस गया है।
इधर वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम, उपराजस्व निरीक्षक भूपाल गिरि गोस्वामी भी मौके पर पहुंचे। उपराजस्व निरीक्षक ने बताया कि मृतका का पंचनामा भर लिया गया है, सभी की सहमति से शव परिजनों को सौंपा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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