आंतरिक मार्गों पर भी खतरा बरकरार
रानीखेत क्षेत्र के टूनाकोट, किलकोट, पिलखोली, भंडरगांव, पंतकोटुली के पास जंगल से होकर गुजरने वाले रास्ते कई गांवों को जोड़ते हैं। यहां के जंगलों में भी कई पेड़ आए दिन धराशायी हो रहे हैं और कई पेड़ों के गिरने का खतरा बना हुआ है।
यूपीसीएल को नुकसान, लोग झेल रहे बिजली कटौती
जिले में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। आए दिन अंधड़ के साथ बारिश हो रही है। ऐसे में पहले से ही जंगलों की चपेट में आने से कमजोर पेड़ बिजली की लाइन पर भी गिर रहे हैं। यूपीसीएल को इससे खासा नुकसान हो रहा है तो लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
रानीखेत-रामनगर हाईवे हो चुका है जाम
छह दिन पूर्व अंधड़ से पेड़ गिरने से रानीखेत-रामनगर हाईवे पर तीन घंटे से अधिक समय पर आवाजाही ठप रही। कई पर्यटकों को आधी रात तक वाहनों में बैठकर राहत का इंतजार करना पड़ा। संयोग से किसी वाहन के ऊपर पेड़ नहीं गिरा, इससे बड़ी घटना होने से बच गई। संवाद
जंगलों में आग लगने से पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। संबंधित विभागों को हाईवे, सरकारी भवनों के आसपास खतरा बने पेड़ों की जानकारी देने के लिए पत्र जारी किया गया है। यह जानकारी मिलने के बाद वन निगम के साथ मिलकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-दीपक सिंह, डीएफओ, वन प्रभाग, अल्मोड़ा।