अल्मोड़ा/बागेश्वर। पहाड़ में मौसम लगातार बदल रहा है और तापमान में गिरावट आ रही है। इस कारण शीतकाल में बुखार और सर्दी-जुकाम की शिकायत बढ़ने लगी है। मौसम बदलते ही खांसी, बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल अल्मोड़ा और बागेश्वर में इन बीमारी से जूझ रहे औसतन 20 फीसदी मरीज पहुंच रहे हैं। रानीखेत, कांडा, कपकोट, बैजनाथ के सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।
दिवाली के समय अस्पतालों में काफी कम मरीज पहुंच रहे थे लेकिन अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों का अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह 10 बजे तक बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच गए थे। लोगों ने पर्ची कटाने के बाद संबंधित डॉक्टरों से परीक्षण कराया। अधिकतर लोग बुखार, सर्दी-जुकाम से पीड़ित थे।
जिला अस्पताल बागेश्वर में बृहस्पतिवार को 424 मरीजों ने ओपीडी में इलाज कराया। सीएमएस डॉ. वीके टम्टा का कहना है कि कई मरीजों की जांच कर इमरजेंसी में भी दवाइयां दी जा रहीं हैं। उनका कहना है कि शीतकाल में गुनगुना पानी पीना चाहिए। खानपान में सावधानी बरतें। बासी भोजन कतई न खाएं। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर चिकित्सक की सलाह जरूरी है। अपने मन से दवाएं न खाएं।
अस्थमा का खतरा भी बढ़ा
अल्मोड़ा। बढ़ती ठंड अस्थमा मरीजों के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है। चिकित्सकों के मुताबिक ठंड के कारण लोगों का अधिक समय घर के भीतर बंद कमरों में बीतता है। ऐसे में बाहरी हवा के कमी और बढ़े प्रदूषण के कारण अस्थमा की समस्या या आघात का जोखिम रहता है। सर्दियों में हवा में शुष्कता के कारण सांस लेने की समस्या भी बढ़ सकती है, जो अस्थमा रोगियों के लिए जटिलताएं बढ़ा सकती है।
ऐसे करें ठंड से बचाव
-नियमित रूप से घर में ही योग-व्यायाम जरूर करें।
-गर्म रखने के लिए पूरे शरीर को ऊनी कपड़ों से ढककर रखें।
-स्वस्थ आहार का सेवन करें। अधिक कैलोरी वाला खाना न खाएं।
-ठंडे पानी के सेवन से परहेज करें। हमेशा गुनगुने पानी का उपयोग करें।
बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। दिन में गर्म और सुबह-शाम ठंड का ये मौसम बुखार, जुकाम और खांसी-गले में खराश जैसी दिक्कतों का कारण बन सकती है। ऐसे खान पान और सेहत का ख्याल रखना ही इसका बचाव है। - डॉ. श्वेता चमोली, फिजिशियन, जिला अस्पताल, अल्मोड़ा।