अल्मोड़ा। नगर के कई मोहल्लों में कटखने बंदरों के आतंक से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नगर के न्यू कॉलोनी धारानौला में छत पर कपड़े सुखाने गई एक महिला को बंदर ने काट लिया। महिला के शोर मचाने पर बंदर भाग गया।
नगर के न्यूकालोनी धारानौला निवासी हीरा रावत मकान की छत पर कपड़े सुखाने डाल रही थी। इसी दौरान बंदर ने महिला के पांव को नोच डाला। शोर मचाने पर बंदर वहां से भाग गया। महिला के पांव में दो घाव हुए हैं। उन्होंने जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया। हीरा ने बताया कि बंदर कई बार छोेटे बच्चों पर भी हमला कर रहे हैं। इस कारण अकेले आवाजाही में उन्हें खतरा बना रहता है। स्थिति यह है कि अब लोगों को लाठी, डंडे और गुलेल के सहारे अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है। लोगों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने की मांग की है।
यहां ज्यादा है बंदरों का आतंक
नगर के ढूंगाधारा, पूर्वी पोखरखाली, पांडेखोला, खत्याड़ी, दुगालखोला, नृसिंहबाड़ी, नंदादेवी, खगमराकोट समेत तमाम मोहल्लों में कटखने बंदरों का आतंक बना है।
सुबह होते ही बंदरों का झुंड घरों में पहुंच जाता है। बंदर मौका पाते ही लोगों को काट रहे हैं। छतों में सुखाने के लिए डाले गए कपड़ों को फाड़ देते हैं। साथ घरों की सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। धारानौला क्षेत्र में बंदरों का आतंक सबसे अधिक है। बंदरों को पकड़ कर आबादी से दूर जंगलों में छोड़ा जाना चाहिए। - नरेंद्र सिंह बगड़वाल, न्यू कॉलोनी धारानौला
छोटे बच्चे दुकान से सामान लेकर आते हैं तो कटखने बंदर मौका पाते ही सामान पर झपट पड़ते हैं। विरोध करने पर बच्चों को काट लेते हैं। कटखने बंदरों के आतंक से मोहल्लेवासी काफी परेशान हैं। घरों के आसपास खेतों में बोई गई सब्जियों को भी बंदर उखाड़ कर नष्ट कर दे रहे हैं। पानी के टंकी को भी बंदर नुकसान पहुंच रहे हैं। - हरीश सिंह फर्त्याल, न्यूकालोनी धारानौला
नगर में बंदरों को पकड़ने का अभियान चल रहा है। अब तक करीब 250 बंदर पकड़े गए हैं। बंदरों का बधियाकरण कर उन्हें दूरस्थ क्षेत्रों के जंगलों को छोड़ा जा रहा है। लोगों को बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए बंदरों को पकड़ने का अभियान जारी है। जल्द ही लोगों को इनके आतंक से निजात मिल जाएगी। - श्यामसुंदर प्रसाद, ईओ नगर पालिका अल्मोड़ा