इस बार बारिश कम होने से जल स्रोत और नदियों में पानी का स्तर काफी कम हो गया है। क्षेत्र के लोगों को अब पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही मौलेखाल विकासखंड के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। गर्मी की तपिश से पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी सूखकर बहुत कम हो गया है। गांवों में पानी की त्राहि-त्राहि मची है। स्थिति यह है कि ग्रामीण 10 से 15 किमी दूर स्थित हैंडपंपों से वाहनों के जरिए पानी ढो रहे हैं। कई सक्षम लोग जीप से पानी मंगा रहे हैं जिसमें उनके 500 रुपये तक खर्च हो रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल योजनाओं के स्रोतों में पानी सूखकर बहुत कम हो गया है। इस कारण पैसिया, नौकुचिया, कालीगांव, आमधार, कटलिया, जालीखान, भवाली, बांगीधार, कपड़ाढैया, मौलेखाल, कुलीन, शशिखाल, तहसील परिसर, मजकोट, सकरखोला, नैठानी, ठात, नौपतुआ, पोखरी, देवायल, स्वास्थ्य केंद्र देवायल, हिनौला, करगेत, नडोली, थला समेत पांच दर्जन से अधिक गांवों में जबरदस्त पेयजल संकट बना हुआ है।
क्षेत्र के लोग 10 से 15 किमी दूर स्थित हैंडपंपों से जीप आदि के जरिए पानी ढो रहे हैं। पानी ढोने में ही ग्रामीणों के हर रोज 500 रुपये खर्च हो जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी नहीं मिलने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश समय पानी जुटाने में ही बर्बाद हो जा रहा है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल टैंकरों के माध्यम से पानी वितरण करने की मांग की है।