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अब मोहन सिंह महरा ने कुंजवाल पर बोला हमला

Mon, 20 Aug 2018 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
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बोलने के दौरान भावुक हुए मोहन सिंह महरा। - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के इस्तीफा वापस लेने का ऐलान करने के बाद भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष को लेकर उपजा विवाद थमा नहीं है। सोमवार को हटाए गए जिलाध्यक्ष मोहन सिंह महरा ने भारी तादात में समर्थकों को जुटाकर शक्ति प्रदर्शन किया। महरा ने कुंजवाल के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी निशाने पर लिया और कहा कि सवालों का जवाब न मिला तो 15 दिन बाद रैली कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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चौघानपाटा में स्थित जिला पंचायत परिसर में भारी संख्या में जुटे समर्थकों के बीच महरा ने कहा कि कुंजवाल भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुके हैं और हो सकता है कि इसी के चलते इस क्षेत्र में कांग्रेस को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। उनके सवालों का जवाब नहीं मिला तो 15 दिन बाद धौलादेवी ब्लॉक में हजारों समर्थकों की रैली आयोजित करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। 

 महरा ने कहा कि जब पीतांबर पांडे को हटाकर उन्हें जिलाध्यक्ष बनाने की पेशकश की गई तो उन्होंने खुद कांग्रेस नेता हरीश रावत को फोन करके मना किया और प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह से भी पीतांबर पांडे को ही रिपीट करने का आग्रह किया। कुंजवाल ने ही पहले पीतांबर पांडे को हटाने की मांग की थी। यह यक्ष प्रश्न है कि आखिर पीतांबर पांडे को दोबारा बहाल करवाना था तो उन्हें इस पद से हटाया ही क्यों गया।
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कुंजवाल आगे चुनाव नहीं लड़ने का एलान कर चुके हैं। यह पूरा प्रकरण इस क्षेत्र में कांग्रेस को खत्म करने और उनकी राजनीतिक हत्या करने की साजिश हो सकती है। वह एक बार फिर इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी बात करने वाले हैं और उन्हें इन सवालों का जवाब नहीं मिला तो 15 दिन बाद वह धौलादेवी ब्लॉक में अपने समर्थक हजारों कार्यकर्ताओं की रैली आयोजित करके उनसे आगे की रणनीति तय करेंगे।

महरा ने कहा कि कुंजवाल ने उन पर कांग्रेस विरोधी होने और चुनावों में कांग्रेस का विरोध करने का आरोप लगाया जबकि उन्होंने आज तक हमेशा कुंजवाल सहित कांग्रेस के अन्य उम्मीदवारों को विजयी बनाने के लिए काम किया।

ये था पहले का घटनाक्रम....
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने पीतांबर पांडे को हटाकर उनकी जगह जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ही रहने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बना दिया था। महरा को जिलाध्यक्ष बनाने और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर नाराज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने इस्तीफे का एलान कर दिया था।

कुंजवाल को विरोध को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने मोहन सिंह महरा को हटाकर पुराने जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे को ही बहाल कर दिया। उसके बाद  कुंजवाल ने अपना इस्तीफा वापस लेने की घोषणा कर दी।

भावुक हुए, आंखों से आंसू निकल पड़े 
अल्मोड़ा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए मोहन सिंह महरा अपने संबोधन के दौरान काफी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। महरा ने कहा कि उन्होंने हमेशा कांग्रेस के लिए सच्चे मन से काम किया, लेकिन इसके बावजूद उनकी निष्ठा पर सवाल उठाया गया। 

महरा के समर्थन में ये लोग थे मौजूद 
अल्मोड़ा। सोमवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा के पक्ष में विभिन्न विकासखंडों से उनके समर्थक पहुंचे थे। इनमें जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, अख्तर हुसैन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह रौतेला, नारायण दत्त भट्ट, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दीवान राम आर्या, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश जोशी,उर्बादत्त पांडे, महेश भट्ट, बीडीसी सदस्य राजेंद्र नेगी, जीवन सिंह, जिला सहकारी बैंक के पूर्व प्रशासक पान सिंह मावड़ी के अलावा गंगा दत्त नैलवाल, शंकर लाल साह, धन सिंह, हरीश चंद्र, बची सिंह, हरीश राम, जगदीश प्रसाद, पनी राम, रमेश चंद्र (सभी ग्राम प्रधान), कांग्रेस जिला सचिव महेश भट्ट, ब्लाक अध्यक्ष गोपाल सिंह खोलिया, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष लाल सिंह बजेठा, कृष्ण सिंह बिष्ट, पान सिंह बिष्ट, किशोर नयाल, जिला पंचायत सदस्य बालम भाकुनी, हरीश भाकुनी, दिनेश पिलख्वाल आदि मौजूद थे।
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