पत्रकारों से वार्ता करते विधायक महेश नेगी और जिलाध्यक्ष अनिल शाही।
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भाजपा विधायक महेश नेगी और भाजपा के जिलाध्यक्ष अनिल शाही के बीच चल रही फेसबुक तकरार फिलहाल थम गई है। कोर कमेटी की बैठक में यह मुद्दा भी जोर-शोर से उछला। बाद में मीडिया से मुखातिब महेश नेगी और जिलाध्यक्ष ने इस प्रकरण को आपसी गलतफहमी ठहराया, साथ ही विधायक ने साफ किया कि क्षेत्र में अवैध धंधे में लिप्त लोगों को वह नहीं छोड़ेंगे, चाहे वह शख्स भाजपा से ही जुड़ा क्यों न हो।
मालूम हो कि दो दिन पूर्व विधायक महेश नेगी की फेसबुक वॉल मेें जब बग्वालीपोखर में बार खुलवाने की सुगबुगाहट और बार खुलने की स्थिति में विधायक द्वारा आत्मदाह कर लेने की बात चली, तो पूरे प्रदेश में हलचल मच गई। वॉल में स्पष्ट रूप से बार खुलवाने में भाजपा के प्रदेश स्तर के बड़े नेता और स्थानीय नेताओं की मिलीभगत की बात भी लिखी गई थी, इसके बाद से ही विधायक और जिलाध्यक्ष अनिल शाही के बीच तकरार बढ़ गई। इधर आज भाजपा ने कोर कमेटी की बैठक बुलाई, जिसमें विधायक महेश नेगी, जिलाध्यक्ष अनिल शाही भी मौजूद थेे। जिला प्रभारी गोविंद सिंह पिलख्वाल ने भी दोनों नेताओं से इस मुद्दे पर वार्ता की। मीडिया से मुखातिब महेश नेगी और अनिल शाही ने इस प्रकरण को गलतफहमी करार दिया। हालांकि विधायक महेश नेगी से जब फेसबुक वॉल के संबंध में सवाल किए गए तो वह स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं बोल सके, बोले कि वह बाड़ी गांव गए थे, वहां उनके प्रयासों से चुनाव के दौरान बार बंद कराया गया था, वहां की महिलाओं ने उनसे कहा कि क्षेत्र में बार खुलने की सुगबुगाहट है। उन्होंने महिलाओं को आश्वासन दिया कि बार खुला तो वह सबसे पहले आत्मदाह करेंगे, इस मामले को उनके किसी साथी ने उनकी वॉल पर डाल दिया।