बैली ब्रिज का विधायक और डीएम ने किया शुभारंभ
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मौलेखाल में रानीखेत-खैरना-रामनगर स्टेट हाईवे पर 25 दिन बाद आवाजाही शुरू हुई है। यहां 50 लाख रुपये से बैली ब्रिज बनाया गया इसका विधायक महेश जीना और डीएम विनीत तोमर से विधिवत शुभारंभ किया।
कुमाऊं को गढ़वाल से जोड़ने वाले प्रमुख रानीखेत-खैरना-रामनगर हाईवे पर छह जुलाई को भारी बारिश के बाद उफान पर आया पन्याली नाला मोहान के पास बने ब्रिटिशकालीन पुल को बहा ले गया। पुल बहने से इस हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। ऐसे में रानीखेत, भतरौंजखान, कर्णप्रयाग, बद्रीनाथ अन्य स्थानों के लिए वाहन, पर्यटक और यात्री वैकल्पिक मार्ग चिमटाखाल से आवाजाही कर रहे थे। लोनिवि ने यहां 50 लाख रुपये से 30 मीटर लंबे वैली ब्रिज का निर्माण किया। बृहस्पतिवार को सल्ट विधायक महेश जीना और डीएम विनीत तोमर ने पूजा-अर्चना कर विधिवित तरीके से इसका शुभारंभ किया। वहां पर एसडीएम संजय कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
16 दिन में तैयार हुआ पुल
जिले में हो रही लगातार बारिश के चलते ध्वस्त होने के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू करना चुनौती बन गया था। किसी तरह तीन दिन बाद नौ जुलाई को पुल का निर्माण शुरू हुआ। लोनिवि ने सिर्फ 16 दिन बाद 25 जुलाई को पुल तैयार कर दिया। सीमेंट का कार्य होने से इस पर आवाजाही शुरू कराने के लिए इंतजार करना पड़ा।
पुल की भार क्षमता 16 टन
मोहान के पास पन्याली नाले में बने बैली ब्रिज की भार क्षमता 16 टन है। लोनिवि के ईई ओंकार पांडे ने कहा कि वाहनों की आवाजाही पुल भी भार क्षमता के अनुसार की जाएगी। कहा विभाग ने दोनों मंडलों के लोगों की परेशानी को देखते हुए दिन-रात मेहनत कर बेहद कम समय में पुल तैयार किया है।