जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत सात साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
घटनाक्रम के मुताबिक आरोपी चंदन राम निवासी काभड़ी थाना दन्यां पांच सितंबर 2017 को एक नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर जालंधर (पंजाब) ले गया और उसके साथ कई दिनों तक दुष्कर्म किया। इस मामले में लड़की के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम से अलावा धारा 363,366,376 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। बाद में लड़की को जालंधर में स्थित किराए के घर से बरामद कर लिया गया। साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश कराए गए।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र फुलारा और विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने पैरवी की। निर्भया प्रकोष्ठ की अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने भी सहयोग किया। जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने पत्रावली पर मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करके आरोपी चंदन राम को पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए सात साल का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सत्र न्यायाधीश ने अर्थदंड से प्राप्त धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश दिया है।