मंगचौड़ा ग्राम पंचायत की आम बैठक में गांव की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। तय हुआ कि खनियां-एरोड़ मोटर मार्ग से स्वीकृत नौ किमी लिंक मोटर मार्ग के निर्माण के लिए ग्रामीण सरकारों पर हर संभव दबाव बनाएंगे। कहा कि तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद धन के अभाव में यह मार्ग लंबित पड़ा हुआ है। इस दौरान केंद्र, राज्य सरकार को जमकर कोसा गया।
मंगचौड़ा गांव सब्जी उत्पादक, सेना बाहुल्य गांव है। इसके बावजूद सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को पांच किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। प्रधान जयपाल सिंह माहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि सड़क के लिए गांव ने कई विधायक, सांसद बनाए, लेकिन किसी ने भी सड़क के लिए प्रयास नहीं किए हैं।
ग्रामीणों ने आपसी श्रमदान के माध्यम से पैदल मार्ग को सड़क मार्ग में तब्दील कर दिया, इसके बावजूद स्वीकृत नौ किमी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। तय हुआ कि इसके लिए केंद्र, राज्य सरकारों पर दबाव बनाया जाएगा, जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा। सांसद तो क्षेत्र में झांकने तक नहीं आते। अलबत्ता एकमात्र विधायिका रेखा आर्या ने 10 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
प्रधान ने कहा कि उनकी तीसरी पीढ़ी सेना में है, जबकि गांव से हर परिवार के युवा सेना में नौकरी कर रहे हैं। इसके बावजूद क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरपंच डुंगर सिंह ने संचालन किया। बैठक में बालम सिंह, बचे सिंह, हेमा देवी, भवानी देवी, प्रेमा देवी, नंदी देवी, मंजू देवी, जयंती देवी, शोभा देवी, पार्वती देवी, मंजू देवी, गुमान सिंह, हयात सिंह, गोपाल सिंह थे।