बीते दिनों के निरीक्षण में एमसीआई की हरी झंडी नहीं मिलने के बावजूद अल्मोड़ा में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में नए साल में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने के लिए एक बार नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जरूरी भवनों का निर्माण 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय कर दिया है वहीं फैकल्टी के लिए प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया दोबारा इसी माह शुरू की जाएगी।
बता दें कि पूर्व में अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं 2016 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समय पर बजट नहीं मिलने के कारण भवनों का निर्माण बहुत धीमी गति से चलता रहा। इधर प्रदेश में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं 2018 में शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन भवनों का निर्माण समय पर नहीं हो पाने और फैकल्टी के लिए डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से 2018 में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारियां अधूरी रह गईं।
बाद में विभाग ने कक्षाएं 2019 में शुरू करने का निर्णय लेते हुए इसी हिसाब से तैयारियां शुरू कर दीं लेकिन बीते दिनों निरीक्षण को पहुंची एमसीआई की टीम ने सभी तैयारियों को मानकों के अनुरूप नहीं पाया और हरी झंडी नहीं दी । इधर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एमबीबीएस की कक्षाएं 2019 में शुरु करने के लिहाज से एक बार फिर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ.रामगोपाल नौटियाल ने बताया कि निर्माण एजेंसी को हाल ही में 35 करोड़ रुपये दिए जाने के बाद अब जरूरी भवनों का निर्माण पूरा करने के लिए 31 मार्च तक की अवधि तय कर दी गई है। साथ ही फैकल्टी के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया दोबारा इसी माह शुरू की जाएगी।
अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के कुल 45 पदों में से अभी तक सिर्फ तीन डॉक्टर उपलब्ध हुए हैं। इसलिए फैकल्टी में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया इसी माह शुरू की जाएगी और प्रगति ठीक होने पर फरवरी-मार्च में केंद्र सरकार से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया जाएगा।
डॉ. रामगोपाल नौटियाल, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा