फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहालग के सीजन में कपड़ा बाजार ग्राहकों से गुलजार

विज्ञापन
खरीदारी करते पुरुष व महिलाएं - फोटो : ALMORA
विज्ञापन
अल्मोड़ा। शादियों का सीजन शुरू हो गया है। इसलिए कई लोग कपड़ों की खरीदारी में जुट गए हैं। कपड़ों की दुकानें दुल्हन साड़ी, लहंगा आदि सामग्री से पैक हैं। कपड़ा बाजार ग्राहकों से गुलजार है। कारोबार में तेजी से कपड़ा व्यवसायियों के चेहरे खिले हैं।
विज्ञापन

नगर के लाला बाजार, चौक बाजार, कारखाना बाजार, कचहरी बाजार आदि बाजारों में स्थित कपड़ों की दुकानों में खरीदारी के लिए ग्राहक उमड़ रहे हैं। जिन घरों में शादियां हैं वह दूल्हा-दुल्हन कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं। दुल्हन के लिए दुकानों में विभिन्न प्रकार के लहंगा, साड़ी, दूल्हे के लिए कोट-पैंट, शेरवानी आदि सजे हैं जबकि लॉकडाउन में कपड़ों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस सहालग में अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। चौक बाजार स्थित कपड़ा व्यापारी तपिश कपूर ने बताया कि सहालग सीजन से कारोबार सुधरा है।
कपड़ों के नाम-कीमत
लहंगा- दो हजार से 20 हजार
लांचा- एक हजार से सात हजार
सिल्क साड़ी- 500 से चार हजार रुपये तक
चंदेरी साड़ी- पांच हजार से 12 हजार
घाघरा सलवार सूट- पांच हजार से आठ हजार रुपये तक
यू शेप सलवार सूट-तीन हजार से 12 हजार रुपये तक
कोट-पैंट- चार हजार से सात हजार रुपये तक
अगले साल महंगे हो जाएंगे रेडीमेड कपड़े और जूते-चप्पल
अल्मोड़ा। अगले साल से रेडीमेड कपड़ों और जूते चप्पलों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बढ़ा दिया जाएगा। इससे नए साल में रेडीमेड कपड़ों और जूते, चप्पलों की खरीदारी में लोगों की जेब ढीली होगी। जीएसटी से रेडीमेड कपड़े और जूते, चप्पल महंगे हो जाएंगे। इससे रेडीमेड कपड़ा और जूते चप्पल व्यवसायी आशंकित हैं।
विज्ञापन

रेडीमेड कपड़ा और जूते चप्पल पर पहले पांच फीसदी जीएसटी था। अगले साल से इसकी दर 12 फीसदी होगी। इससे रेडीमेड कपड़े और जूते, चप्पलों पर भी महंगाई की मार पड़ेगी। संबंधित कारोबारियों ने बताया कि अधिक जीएसटी से खरीदारी पर व्यापक असर पड़ेगा। पहले ही ऑनलाइन सेल से उनका कारोबार काफी प्रभावित हुआ है।
जीएसटी बढ़ने से रेडीमेड कपड़ा व्यापार पर काफी असर पड़ेगा। क्योंकि इससे कपड़े काफी महंगे हो जाएंगे। इससे लोग अपनी जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करेंगे।
सुभाष गोयल, लाला बाजार।
ऑनलाइन व्यवसाय से कपड़ा बाजार में खरीदारी प्रभावित हुई है। अब जीएसटी पांच से बढ़ाकर 12 फीसदी करने से अगले साल से कपड़ा व्यवसायियों को नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन

- मोहम्मद उमर खान, चौक बाजार।
कपड़ों पर 12 फीसदी जीएसटी लगाना गलत है। इससे व्यवसायियों और ग्राहक दोनों को नुकसान होगा। महंगाई से लोग खरीदारी कम करेंगे। सरकार को राहत देनी चाहिए।
- चंदन सिंह अधिकारी, कारखाना बाजार, अल्मोड़ा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें