नानीसार के बाद द्वाराहाट में भी माओवादी जनयुद्ध से संबंधित पर्चे मिलने से हड़कंप मच गया है। यह पर्चे कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज के गेट परिसर, गौचर चौराहे और जीआईसी द्वाराहाट के समीप बरामद हुए हैं। इन पर्चों में सरकार और पूंजीपतियों की जागीर नहीं, यह जल जंगल जमीन और खनिज हमारा है। पूंजीपतियों और सामंती तस्करों को पहले नैनीसार से, फिर पूरे पहाड़ से मार भगाओ संबंधी अपील जनता के नाम प्रकाशित की गई है। स्थानीय जांच संस्था ने पर्चे कब्जे में लेकर नष्ट कर दिए हैं।
बताया गया है कि सुबह कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज गेट परिसर, गौचर चौराहे और जीआईसी द्वाराहाट के समीप एक किमी के दायरे में माओवादी गतिविधियों से संबंधित पर्चे मिले हैं। इन पर्चों में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी की तरफ से जनता के नाम अपील की गई है कि जल, जंगल, जमीन के खनन पर हक कायम करने के लिए मजदूर किसान का राज लाओ, पूंजीपतियों को मार भगाओ। यह तकरीबन 20 पर्चे हैं। मालूम हो कि 16 फरवरी की रात माओवादी साहित्य से संबंधित पर्चे, पोस्टर, झंडे नानीसार में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय परिसर में भी बरामद हुए थे। द्वारसों कस्बे में दुकानों के आगे और पैराफिटों पर भी इसी तरह के पोस्टर चस्पा किए गए थे। इस मामले की जांच पहले राजस्व पुलिस कर रही थी, अब जांच रेगुलर पुलिस को सौंपी गई है, लेकिन अभी तक कोई भी ठोस क्लू हाथ नहीं लग पाया है। इधर दो दिन पूर्व रुद्रपुर में भी इस तरह का साहित्य बरामद हुआ है, इस मामले की जांच चल रही है। इस बारे एलआईयू के सब इंस्पेक्टर प्रभारी द्वाराहाट केपीएस धामी ने बताया कि लगभग 20 पर्चे बरामद हुए हैं। रुद्रपुर में प्राप्त हुई प्रेस विज्ञप्ति की हूबहू कापी भी यहां बरामद हुई है। सभी पत्रकों को जब्त कर नष्ट कर दिया गया है। एलआईयू की सक्रियता के कारण क्षेत्र के लोगों तक इसकी भनक तक नहीं लग सकी। श्री धामी ने बताया कि यह पर्चे तड़के डाले गए हैं।