मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा नए शासनादेश के अनुरूप नर्सरी से आठवीं तक की अंग्रेजी माध्यम मान्यता के लिए जून में ही निर्धारित पचास हजार रुपये का शुल्क जमा करा दिया है। इसके बावजूद आठ माह बाद भी मान्यता समिति की बैठक नहीं होने से संबंधित स्कूलों की मान्यता का मामला लटका पड़ा है। जिससे निजी स्कूलों के प्रबंधक परेशान हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा नए शासनादेशों के अनुरूप पूर्व से ही मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों से नर्सरी से आठवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम की मान्यता के लिए अलग से 50 हजार रुपये का चालान लगाने को कहा गया था। इसके अनुरूप संबंधित विद्यालयों द्वारा गत वर्ष जून के द्वितीय सप्ताह में ही निर्धारित राशि का चालान लगा दिया गया है। तब से आठ माह बीत गए हैं परंतु मान्यता मिलना तो दूर जिला स्तर पर सीईओ की अध्यक्षता में होने वाली मान्यता समिति की बैठक तक नहीं हो पाई है। करीब एक माह पूर्व हुई बीडीसी की बैठक में भी यह मामला उठा था तब सीईओ बीएन सिंह ने शीघ्र बैठक बुलाकर मामले के निस्तारण का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। इधर मुख्य शिक्षाधिकारी बीएन सिंह का कहना है कि विभागीय बैठकों आदि में व्यस्त रहने के चलते मान्यता समिति की बैठक के आयोजन में विलंब हुआ है। हफ्ते भर के भीतर हर हाल में बैठक आयोजित कर दी जाएगी।