रानीखेत अस्पताल में बंद एक्सरे रूम।
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तमाम कोशिशों के बाद भी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। उपमंडल क्षेत्र के लिए स्थापित एकमात्र राजकीय अस्पताल में पिछले एक महीने से मैनुअल एक्सरे मशीन भी ठप है। लाखों रुपये की डिजीटल एक्सरे मशीन वर्षों से खराब पड़ी हुई है।
दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को निजी अस्पतालों में जाकर महंगे दामों पर एक्सरे कराना पड़ रहा है। मालूम हो कि राजकीय अस्पताल रानीखेत उपमंडल क्षेत्र का एकमात्र बड़ा अस्पताल है। यहां भिकियासैंण, द्वाराहाट, चौखुटिया, गैरसैंण, सल्ट, स्याल्दे, सराईखेत सहित दूरदराज के रोगी भी उपचार कराने पहुंचते हैं। यहां डिजीटल एक्सरे मशीन 2015 से ठप है। 2010 में यहां डिजीटल मशीन स्थापित हुई।
एक साल कार्य किया, इसके बाद लगातार खराब होती रही। तब से लगातार मैनुअल एक्सरे मशीन से ही रोगियों के एक्सरे हो रहे थे, लेकिन पिछले एक माह से यह मशीन भी खराब है। एक्सरे मशीन खराब होने से रोगियों में आक्रोश भी है। इधर व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी का कहना है कि मैनुअल एक्सरे मशीन को ठीक कराने के लिए कई बार कह दिया गया है, लेकिन अभी तक यह ठीक नहीं हो सकी है, रोगियों को दिक्कत न हो अस्पताल प्रशासन को इसे शीघ्र ठीक कराना चाहिए।