नागाड़ निवासी महेंद्र सिंह मनराल गैरसैंण में स्थायी राजधानी बनाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। मनराल का कहना है कि राजधानी की घोषणा होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। ग्राम पंचायत नागाड़ निवासी महेंद्र सिंह मनराल बदरीनाथ मोटर मार्ग के पास आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
मनराल ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं से अपील की है कि वे अपने निजी स्वार्थों को भुलाकर राज्य की राजधानी गैरसैंण में बनाने के लिए असमंजसपूर्ण स्थिति को दूर करें। मनराल का कहना है कि पूरा प्रदेश भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गया है जिसके चलते सरकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है।
मनराल ने भ्रष्टाचार पर तुरंत अंकुश लगाने की मांग करते हुए कहा है कि उनकी दोनों मांगें पूरी होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा। मनराल ने अनशन पर बैठने से पूर्व राष्ट्रीय गान भी गाया। इस दौरान ग्राम प्रधान भगवत सिंह भी मौजूद थे।
महेंद्र सिंह मनराल ने गत पंद्रह अगस्त से लाल कपड़े धारण किए हैं। भ्रष्टाचार से दुखी मनराल का कहना है कि जब तक भ्रष्टाचार पर अंकुश नही लगता, तब तक वह लाल कपड़े नहीं उतारेंगे।