भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। रामगंगा जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले हुई सर्वदलीय बैठक में वक्ताओं ने एक बार फिर से रामगंगा जिला बनाने की मांग उठाई। जिले के निर्माण के लिए एकजुटता के साथ संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि इस मामले में शिष्टमंडल देहरादून जाकर मुख्यमंत्री के समक्ष जिले की मांग को रखेगा।
वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से भिकियासैंण, सल्ट, स्याल्दे, चौखुटिया, द्वाराहाट, ताड़ीखेत ब्लाकों को मिलाकर पृथक रामगंगा जिला बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन इस पर अमल आज तक नहीं हुआ है। क्षेत्र के कई गांवों से जिला मुख्यालय अल्मोड़ा 150 से 200 किमी दूर है। जिला मुख्यालय आने-जाने में ग्रामीणों का जहां पूरा दिन बर्बाद हो जाता है वहीं उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। उन्होंने दलगत मतभेद छोड़कर जिले के निर्माण के लिए संघर्ष करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी की गई तो आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार से भी पीछे नहीं हटेंगे।
अध्यक्षता पूर्व प्रधान नंदन सिंह बिष्ट ने और संचालन गोविंद रावत ने किया। बैठक में नरेंद्र बिष्ट, अमर सिंह, प्रयाग शर्मा, लक्ष्मी दत्त नैनवाल, भगवती रिखाड़ी, लीला बिष्ट, देव गिरी गोस्वामी, नंदन सिंह, गोविंद रावत, पुष्कर पाल, महिपाल बिष्ट, मदन मेहरा, पूरन मावड़ी, भारत भूषण, खुशाल नेगी, कुबेर बिष्ट, पान सिंह जीना, आनंद प्रकाश लखचौरा, पृथ्वीपाल रावत, सोबन सिंह, गोपाल सिंह, मनोहर सिंह, प्रकाश सती, दिनेश उप्रेती, जगत बिष्ट, गिरीश नेगी, दलीप सिंह, भुवन पुजारी आदि मौजूद थे।