अल्माेड़ा। जिले के मकड़ाऊ और काचुला गांवों को मॉडल हॉर्टिकल्चर विलेज के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो चुकी है। उद्यान विभाग 31 लाख रुपये से इन गांवों में मशरूम यूनिट, मौन पालन यूनिट स्थापित करेगा। इसके साथ ही किसानों को सब्जी उत्पादन से भी जोड़ा जाएगा। इस पहल से इन गांवों को एक नई पहचान मिलेगी।
स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ताड़ीखेत के मकड़ाऊ गांव और भैसियाछाना के काचुला गांव की जल्द तस्वीर बदलेगी। उद्यान विभाग जिला योजना के तहत इन 30.54 लाख रुपये से इन गांवों को मॉडल हॉर्टिकल्चर विलेज के रूप में नई पहचान दिलाएगा। योजना के तहत इन गांंवों में 10 मशरूम यूनिट और 20 मौन पालन यूनिट स्थापित करेगा। वहीं किसान चार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन करेंगे। इस पहल से यहां के किसान पारंपरिक खेती के साथ ही मशरूम, मौन पालन और सब्जियों का उत्पादन कर अच्छी आमदनी कर सकेंगे। वहीं क्षेत्र के युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
एक एकड़ भूमि पर स्थापित होगा ब्लूबेरी उद्यान
उद्यान विभाग इन गांवों के एक एकड भूमि पर ब्लूबेरी उद्यान स्थापित करेगा। ब्लूबेरी उद्यान में किसानों को आधुनिक तकनीकों से ब्लूबेरी की खेती की बारीकियां सिखाई जाएंगी। बाजारों में ब्लूबेरी की मांग बढ़ने से विभाग ने यहां उद्यान स्थापित करने की योजना तैयार की है।
कोट
मकड़ाऊ और काचुला को मॉडल हॉर्टिकल्चर विलेज के रूप में पहचान दिलाने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया। योजना के अस्तित्व में आने से किसान मशरूम, मौन पालन और ब्लूबेरी का उत्पादन कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर आत्मनिर्भर बनेंगे। - डॉ. नरेंद्र कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी अल्मोड़ा