मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने पवित्र नदियों में स्नान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना की। इस मौके पर कई बटुकों के जनेऊ और बच्चों के मुंडन संस्कार हुए। माघ महीने के पहले दिन कई स्थानों पर हुए भंडारों में लोगों ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। सायं को घरों में घुघुते आदि पकवान बनाए।
संक्रांति पर जागेश्वर के ब्रह्मकुंड, सरयू नदी में आरेश्वर, जटेश्वर, मानेश्वर आदि स्थानों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। लोगों ने नदियों में डुबकी लगाई और मंदिरों में पूजा की। चितई स्थित गायत्री शक्ति पीठ और नगर के थपलिया में गायत्री प्रज्ञा पीठ में कई बटुकों के जनेऊ और मुंडन संस्कार हुए। केमू मंदिर के निकट ब्रह्मानंद सरस्वती की कुटिया, शै: भैरव आदि मंदिरों में आयोजित भंडारे में लोगों ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। शिव मंदिरों में भी पूजा अर्चना करने वालों की भीड़ रही। मकर संक्रांति पर्व पर आटे और गुड़ से घुघुते, शक्कर पारे आदि पकवान बनाए। शनिवार सुबह घुघुते कौवों को खिलाए जाएंगे।