अल्मोड़ा के जिला प्रशासन ने जिले के सभी महत्वपूर्ण स्थानों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, एतिहासिक और धार्मिक महत्व के मंदिरों आदि के बारे में जानकारियां समेटते हुए हेवन अल्मोड़ा के नाम से ऐप तैयार किया है। इस ऐप को तैयार करने में जीपीएस प्रणाली का सहारा लिया गया है।
किसी भी पर्यटक अथवा अनजान व्यक्ति को अपने मोबाइल में इस ऐप को अपलोड करते ही अपनी लोकेशन से लेकर जहां भी उसे पहुंचना है, उस स्थान की दिशा, दूरी और वहां जाने वाली सड़क आदि का तुरंत पता लग जाएगा।
इस ऐप से अल्मोड़ा आने वाले पर्यटकों को तो फायदा मिलेगा ही साथ ही आपदा की स्थिति में यह ऐप काफी उपयोगी सिद्ध होगा। कुछ ही दिनों के भीतर इसे लांच कर दिया जाएगा। इस तरह का ऐप तैयार करने वाला अल्मोड़ा राज्य का पहला जिला है।
अल्मोड़ा के जिलाधिकारी सविन बंसल ने चार्ज संभालने के तुरंत बाद अल्मोड़ा को साफ सुथरा नगर बनाने के प्रयास के साथ ही जिले का एक ऐप तैयार करने का फैसला लिया। उन्होंने इस ऐप को बनाने के लिए खुद पूरा प्लान तैयार किया और कंप्यूटर और जीपीएस प्रणाली के बारे में जानकारी रखने वाले कुछ अधिकारियों को साथ लेकर करीब दो माह में सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की पूरी जानकारियों वाला ऐप तैयार कर लिया।
उन्होंने इसे हेवन अल्मोड़ा नाम दिया है। इस ऐप में अल्मोड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थलों रानीखेत, बिनसर, कसारदेवी, शीतलाखेत, कौसानी, मानिला आदि के अलावा धार्मिक स्थलों नंदादेवी, जागेश्वर, चितई, दूनागिरी, सोनी बिनसर सहित सभी प्रमुख मंदिरों, नगर और तथा जिले के ऐतिहासिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में चित्र सहित सभी जानकारियां दी गई हैं।
जिले की सभी सड़कों, सभी पुलिस स्टेशनों, एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस प्रशासन के सभी प्रमुख अधिकारियों के कार्यालयों, अस्पतालों, गेस्ट हाउसों आदि की लोकेशन और फोन नंबर आदि भी इस ऐप में उपलब्ध हैं।
इस ऐप को तैयार करने में जीपीएस प्रणाली का सहारा लिया गया है। जिससे ऐप अपलोड करने के बाद चंद सेकेंड में जिले के किसी भी स्थान के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। डीएम सविन बंसल ने बताया कि बाहर से आने वाले पर्यटकों और अन्य लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद रहेगा।
गूगल प्ले स्टोर से अपलोड करने के बाद गूगल रोड मैप खोलना होगा और क्लिक करते ही किसी भी व्यक्ति को अपनी लोकेशन (वह कहां पर खड़ा है) का पता लग जाएगा। मसलन अल्मोड़ा पहुंचे किसी पर्यटक को जागेश्वर पहुंचना है तो वह ऐप में जागेश्वर को लोकेट करेगा। क्लिक करते ही उस पर्यटक को अल्मोड़ा से जागेश्वर की दूरी, वहां जाने वाली सड़क और दिशा आदि के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।
डीएम ने बताया कि खासतौर पर भारी बारिश, हिमपात और अन्य तरह की आपदा की स्थिति में यदि जिले की कोई सड़क बंद होती है अथवा किसी इलाके में खतरा होता है तो इसकी जानकारी भी इस ऐप में लगातार मिलती रहेगी। उन्होंने बताया कि ऐप में मौसम की भविष्यवाणी को भी अपडेट किया जाएगा।
ताकि लोग घर से निकलते वक्त मौसम के मिजाज के हिसाब से कार्यक्रम बना सकें। डीएम ने बताया कि यह ऐप बनकर तैयार हो चुका है और इसे टेस्ट कर लिया गया है। कुछ ही दिनों के भीतर मुख्यमंत्री के हाथों इसे लांच कर दिया जाएगा। उसी दिन से लोग निशुल्क इसे अपने फोन अथवा लेपटॉप आदि पर अपलोड कर सकेंगे।