बीते दिवस बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने तहसील के फल और सब्जी उत्पादक पट्टी क्षेत्र में काश्तकारों की कमर तोड़ दी है। ओलावृष्टि से आम, माल्टा, अमरूद, नीबू, खुमानी समेत विभिन्न फलदार पेड़ों पर आए फूल बर्बाद हो गए है। फूल नष्ट होने से फलों के उत्पादन में गिरावट के आसार हैं।
जैंती तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सिलपड़, कुटौली, तड़ैनी, जाख, खांकर, पजैना, मौरनौला, बेडचूला, सेल्टाचापड़, स्यौड़ा, उड्यारी, बकस्वाड़, भट्यूड़ा, सुनाड़ी, कांडे, कुंज, लोहना, बिराड़ आदि क्षेत्रों में खुमानी, माल्टा और नीबू का उत्पादन होता है। इसके अलावा खडियानौली, बाराकोट, रनक, ल्वाली, तल्ला बिनौला, आराखेत, चौकुना, बरम, सूरी आदि गांवों में आम की अच्छी पैदावार होती है। पिछले तीन दिनों लगातार बारिश होने और ओलावृष्टि से आम के वृक्षों में आया बौर नष्ट हो गया है। इसके अलावा माल्टा, अमरूद, अनार, दाड़िम, नीबू, खुमानी, पूनम, अखरोट, अंगूर समेत कई फलदार पेड़ों और सब्जियों के फूल बर्बाद हो गए हैं। इन गांवों में फलों का उत्पादन बहुतायत में होता है। अधिकांश काश्तकार फल बेचकर आजीविका चलाते हैं, लेकिन इस बार ओलावृष्टि होने से फलदार पेड़ों के फूल नष्ट हो गए है। इससे काश्तकारो में मायूसी छाई हुई है।
कनोली के काश्तकार सीएस बिष्ट ने बताया कि इस बार आम के पेंड़ों में बौर अच्छा था। इससे काश्तकारों को आम का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद थी। गत दिवस हुई ओलावृष्टि से आम का बौर नष्ट हो गया है। कुटौली के काश्तकार बची सिंह ने बताया कि गत दिनों हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि से फल पट्टी क्षेत्र में काफी नुकसान पहुंचा है।