अल्मोड़ा जनपद में साइबर ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक बैंक खाते से मात्र दो दिनों के भीतर एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन किया गया है। साइबर सेल की जांच के बाद धारानौला चौकी प्रभारी की तहरीर पर कोतवाली अल्मोड़ा में आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
धारानौला चौकी प्रभारी आनंद बल्लभ कश्मीरा ने साइबर सेल से प्राप्त एक संदिग्ध म्यूल खाते की गहन जांच की। जांच में पता चला कि अल्मोड़ा स्थित एक बैंक शाखा का यह खाता संख्या 4104608263 हरीश सिंह बिष्ट निवासी कुमालेश्वर, देघाट, हाल निवासी डायमंड फिटनेस क्लब, दुगालखोला, अल्मोड़ा के नाम पर जून 2026 में खोला गया था। जब पुलिस ने इस खाते की स्टेटमेंट खंगाली तो अधिकारी भी दंग रह गए। खाते में महज दो दिनों के भीतर (16 और 17 जुलाई) को एक करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा लेन-देन हुआ था, जबकि वर्तमान में क्लोजिंग बैलेंस केवल 2,78,184 रुपये बचा है। इन संदिग्ध ट्रांजैक्शनों के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से इस खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 16 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
खाताधारक नहीं दे पाया जवाब
पुलिस ने जब खाताधारक हरीश सिंह बिष्ट से इस करोड़ों के लेन-देन के बारे में पूछताछ की तो वह कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। बैंक अभिलेखों, डिजिटल तथ्यों और देश भर से मिली शिकायतों की जांच में प्रथम दृष्टया यह साफ हो गया है कि इस खाते का इस्तेमाल सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी के तहत साइबर ठगी की रकम को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए किया गया है।
संदिग्ध म्यूल खाते में हुए लेनदेन मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लेनदेन के लिए अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता साझा न सके।
-चंद्रशेखर घोडके, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा