अल्मोड़ा। लॉकडाउन के चलते जैंती तहसील के अंतर्गत दर्जनों गांवों में रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग पर अब प्रशासन ने इन गांवों को जोड़ने वाले लिंक मार्गों में पिकप से रसोई गैस सिलिंडर पहुंचाने का निर्णय लिया है।
जैंती तहसील के मुख्य मार्गों में स्थित गांवों में रसोई गैस की आपूर्ति हो रही है, जबकि लिंक मार्गों में रसोई गैस का वाहन नहीं जाता है। इससे इन क्षेत्रों के लोग अन्य वाहनों से खाली सिलिंडर लेकर मुख्य मार्ग में स्थित वितरण स्थल पर पहुंचते थे और सिलिंडर रीफिल कर वाहनों के जरिए घरों को ले जाते थे, लेकिन लॉकडाउन होने से वाहनों का संचालन भी बंद है। हालांकि गैस एजेंसी मुख्य मार्गों में वितरण स्थल तक सिलिंडर पहुंचा रही है, लेकिन वाहनों के न चलने से ऐसे में लिंक मार्गों से जुड़े गांवों के लोग सिलिंडरों से वंचित हो जा रहे हैं। क्षेत्र के दर्जनों गांव लिंक मार्गों से जुड़े हैं। इन गांवों में करीब एक से डेढ़ हजार रसोई गैस के उपभोक्ता हैं। कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष दीवान सिंह सतवाल ने जैंती की एसडीएम मोनिका को ज्ञापन सौंपकर इन गांवों को जोड़ने वाले लिंक मार्गों में पिकप वाहन से रसोई गैस की आपूर्ति करने की मांग उठाई है, ताकि इन क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत दूर हो सके।
लिंक मार्गों में स्थित इन गांवों में है रसोई गैस की किल्लत
मेरगांव, उन्यूड़ा, गुटोली, बलिया, बैगनियां, अनुली, विशोदकोट, धरखोला, सत्यों, रालाकोट, असोटा, सिलखोड़ा, भैसोड़ा, रतखान, चौमू, हुना, खिरोली, जसकोट, बजेठी, बैजीटाना, मलता, निश्नी, अनरियाकोट, तुलेड़ी, तोली, खरशु, गोना, भटखोला, बघाड़, नौरा, छतोला, बलमा, उन्यूड़ा, ठानामठेना, कपकोट, गैलाकोट, मलाड़ी, जोशीधूरा, छाना ढौरा, सिरसोड़ा आदि।
लिंक मार्गों से जुड़े जिन गांवों में रसोई गैस की किल्लत है, उन क्षेत्रों में छोटे वाहन पिकप से सिलिंडरों की एक दो दिन में आपूर्ति करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
- मोनिका, एसडीएम, जैंती/भनोली (अल्मोड़ा)